Kanpur: कोरोना के झटके से निकला शहर...शेयर कारोबार में भरा फर्राटा, देश में आठवें नंबर पर
Kanpur News: कोराना काल के ठीक पहले 2019-20 में शहर में 421806 फोलियो थे और इनमें 10463 करोड़ का निवेश था। बैंको में सावधि जमा (एफडी) में भी 2019-20 के बाद से लगातार वृद्धि हो रही है।
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शेयर कारोबार में कानपुर शहर कुलांचे भर रहा है। पिछले चार वित्तीय वर्षों में इसमें 308.18 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, तो चालू साल की पहली तिमाही से इसने फर्राटा भरना शुरू कर दिया। जून में खत्म हुई पहली तिमाही में ही 20 हजार करोड़ का शेयर कारोबार हो चुका था।
यह प्रदेश में सबसे ज्यादा और देश में आठवें नंबर पर है। चार वित्तीय वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश भी 88.37 फीसदी बढ़ गया। इसमें शहर प्रदेश में लखनऊ के बाद दूसरे स्थान पर है। इससे जाहिर है कि शहर की अर्थव्यवस्था कोरानाकाल के प्रभाव से निकल चुकी है और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में वृद्धि हुई है।
यही वजह है कि सुरक्षित निवेश के ठिकाने समझे जाने वाले म्यूचुअल फंड और सावधि जमा (एफडी) के मुकाबले शेयर कारोबार में वृद्धि कई गुना तेज है। ऐसा नहीं है कि शहर सिर्फ शेयर कारोबार में ही आगे निकल रहा है। सच्चाई तो यह है कि सभी आर्थिक संकेतक शहर की अर्थव्यवस्था में मजबूती आने का संकेत दे रहे हैं।
म्युचुअल फंड अगर लें तो एसआईपी (सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान) में शहरियो का कुल निवेश देश में 14वें स्थान पर और प्रदेश में दूसरे स्थान है। एसोसिएशन आफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की रिपोर्ट के अनुसार 31 जुलाई तक शहर में बने 757000 फोलियो में 23188 करोड़ का निवेश किया गया है।
कोराना काल के ठीक पहले 2019-20 में शहर में 421806 फोलियो थे और इनमें 10463 करोड़ का निवेश था। बैंको में सावधि जमा (एफडी) में भी 2019-20 के बाद से लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि 2021-22 तक एफडी में जमा पूंजी की वृद्धि दर मामूली थी लेकिन 2022-23 में इसमें तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
शेयर कारोबार में देश में आठवें नंबर पर
शहर बीएसई एनएसई
मुंबई 44.6 66.70
अहमदाबाद 19.3 12.79
नई दिल्ली 1.3 2.77
हैदराबाद 0.2 2.67
राजकोट 0.7 2.58
कोलकाता 2.3 1.74
बेंगलुरू 0.2 1.12
कानपुर 0.1 0.61
पुणे 0.4 0.42
चेन्नई 0.2 0.41
नोट-कारोबार करोड़ रुपये में
म्यूचुअल फंड निवेश में देश 14वां नंबर
देश में रैंक प्रदेश में रैंक (हिस्सेदारी) निवेश
12 1-लखनऊ (0.66) 30608
14 2-कानपुर (0.50) 23188
28 3-वाराणसी (0.21) 9739
30 4-प्रयागराज (0.20) 9275
31 5-आगरा (0.19) 8811
48 6-मेरठ (0.13) 6029
55 7-गोरखपुर (0.10) 4638
70 8-मुरादाबाद (0.08) 3710
71 9-बरेली (0.07) 3246
88 10-अलीगढ़ (0.06) 2783
नोट-निवेश करोड़ रुपये में है।
मजबूती के संकेतः साल भर में आई जबरदस्त तेजी
- शेयर कारोबार: 2022-23 में शहर में 154 करोड़ रुपये का दैनिक कारोबार हो रहा था, जो 2023-24 में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 339 करोड़ रुपये रोज हो गया। चालू साल की पहली तिमाही में 20 हजार करोड़ से ज्यादा का शेयर कारोबार हो चुका था और पूरे साल में यह 80 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 38431 करोड़ रुपये का ही कारोबार हुआ था।
- म्यूचुअल फंड: 2023-24 में 31 जुलाई तक चार महीनों में 23188 करोड़ का निवेश आ चुका है, जो बीते वित्तीय वर्ष के कुल 19710 करोड़ रुपये के निवेश से ही 3478 करोड़ रुपये ज्यादा है। बीते वित्तीय वर्ष में म्यूचुअल फंड निवेश में यह वृद्धि सिर्फ 927 करोड़ रुपये की ही थी।
- बैंक जमा: 2022-23 में बैंक जमा में तेज वृद्धि के साथ 9751200.20 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 2021-22 में 6894377.82 करोड़ पर था। इस तरह बीते साल में बैंक जमा में 2856822.38 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई, जो बीते सालों से कई गुना ज्यादा है। 2020-21 में सिर्फ 35418 करोड़ रुपये और 2021-22 में 778439 करोड़ रुपये की वृद्धि ही बैंक जमा में दर्ज हुई थी।
शहर में बढ़ती एसआईपी की हिस्सेदारी (बार चार्ट)
वर्ष निवेश (बाजार प्रतिशत)
2019-20 10463 करोड़ (0.47)
2020-21 15085 करोड़ (0.48)
2021-22 18783 करोड़ (0.50)
2022-23 19710 करोड़ (0.50)
नोट-2023-24 में 31 जुलाई तक चार महीनों में 23188 करोड़ का निवेश आ चुका है, जो राष्ट्रीय बाजार का 0.50 प्रतिशत है।
शेयर कारोबार में शहर ने भरा फर्राटा
साल कुल टर्नओवर
2019-20 9415
2020-21 22113
2021-22 47534
2022-23 38431
2023-24 (पहली तिमाही) 20361
नोट: 2023-24 के पूरे वित्तीय वर्ष में 80 हजार करोड़ के निवेश का अनुमान है। (टर्नओवर करोड़ रुपये में)।
बैंकों में जमा पूंजी भी 97 हजार करोड़ पर, 2300 करोड़ आयकर चुकाया
महंगाई के बावजूद बैंको में शहरियों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 97512 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जो 2021-22 में 6894377.82 करोड़ ही था। वहीं इस बार कानपुरवासियों ने 2301 करोड़ रुपये का आयकर और 5300 करोड़ जीएसटी जमा किया गया। क्रिप्टोकरंसी में टैक्स के बाद से लोगों का रुझान घटा है। रियल इस्टेट में भी बहुत अधिक निवेश नहीं हो रहा है। बैंकों में भी एफडी, पीपीएफ पर अच्छे ब्याज की वजह से लोगों का बैंक की ओर रुझान बढ़ा है।
पूरे विश्व की नजर भारतीय अर्थव्यवस्था पर है। सरकारें निवेश बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। मौजूदा समय में भारत पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था है। सभी देशों के निवेशकों को भारत में ग्रोथ दिखाई दे रही और इसलिए यहां शेयर बाजार में निवेश बढ़ रहा है। शेयरों के अलावा शहर के निवेशक म्युचुअल फंड, एसआईपी में भी तेजी से निवेश कर रहे हैं। कोरोना काल के बाद से लोग अपनी जमा-पूंजी बढ़ा रहे हैं। -राजीव सिंह, कोफाउंडर के श्री वेल्थ क्यूरेटर
शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, एसआईपी के कामकाज में सरकार लगातार पारदर्शिता ला रही है। लोग ज्यादा जोखिम लेने लगे हैं। खासकर युवा वर्ग इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। इस क्षेत्र में 12-15 फीसदी का रिटर्न औसत मिल रहा है, जबकि बैंकों में 3.5 से 7.5 फीसदी का ही ब्याज मिल रहा है। -कृष्ण कुमार शुक्ला, शेयर-म्युचुअल फंड विशेषज्ञ