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Corona in Kanpur: बिना लक्षण वाले संक्रमितों से तेजी से फैल रहा संक्रमण, सतर्क रहना बेहत जरूरी
Tue, 11 Jan 2022 07:25 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 11 Jan 2022 07:25 PM IST
सार
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि बिना लक्षण के संक्रमित लोग घरों में भी संक्रमण फैला सकते हैं। उनके संपर्क में आने वाले कोमॉर्बिड के लिए यह खतरनाक हो सकता है।
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों की वजह से संक्रमण का फैलाव और तेज हो गया है। इस वक्त फ्लू का मौसम है और सामान्य जुकाम-बुखार, खांसी जैसे लक्षण सभी को हैं। इन्हीं में कुछ कोरोना संक्रमित भी हैं। इनकी पहचान नहीं हो पा रही है और ये सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं।
इस वजह से एक के बाद दूसरा मोहल्ला संक्रमण की चपेट में आ रहा। अभी तक जो संक्रमित मिले हैं, उनमें 50 फीसदी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से खोजे गए हैं। बहुत से लोगों की ट्रेसिंग नहीं हो पाई है। इसके अलावा जो सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमित हुए हैं और कोई लक्षण नहीं आया, उनके बारे में किसी को पता नहीं है।
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि बिना लक्षण के संक्रमित लोग घरों में भी संक्रमण फैला सकते हैं। उनके संपर्क में आने वाले कोमॉर्बिड के लिए यह खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
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वे भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इससे हर शख्स मास्क लगाकर बाहर निकले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे। अभी तक विदेश से 2994 यात्री लौट चुके हैं। इनमें 541 यात्री ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए हैं। इनमें 40 यात्रियों का अभी तक पता नहीं चला है।
मुंबई और दिल्ली से शहर में छह हजार से अधिक लोग आए हैं। इनमें करीब चार सौ की पहचान हो पाई है। शुरुआत में 90 फीसदी कोरोना संक्रमित बाहर से आने वाले ही थे, लेकिन अब संक्रमण कम्यूनिटी स्तर पर आ गया है। जो लोग बीते छह माह से कहीं बाहर नहीं गए, वे भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। हैलट में जो रोगी भर्ती हुए हैं, उनमें 11 गर्भवती महिलाएं हैं। एक की मौत भी हो चुकी है। इनके संक्रमण स्रोत का पता नहीं चला है।
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इस वजह से एक के बाद दूसरा मोहल्ला संक्रमण की चपेट में आ रहा। अभी तक जो संक्रमित मिले हैं, उनमें 50 फीसदी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से खोजे गए हैं। बहुत से लोगों की ट्रेसिंग नहीं हो पाई है। इसके अलावा जो सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमित हुए हैं और कोई लक्षण नहीं आया, उनके बारे में किसी को पता नहीं है।
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सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि बिना लक्षण के संक्रमित लोग घरों में भी संक्रमण फैला सकते हैं। उनके संपर्क में आने वाले कोमॉर्बिड के लिए यह खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
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वे भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। इससे हर शख्स मास्क लगाकर बाहर निकले और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे। अभी तक विदेश से 2994 यात्री लौट चुके हैं। इनमें 541 यात्री ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए हैं। इनमें 40 यात्रियों का अभी तक पता नहीं चला है।
मुंबई और दिल्ली से शहर में छह हजार से अधिक लोग आए हैं। इनमें करीब चार सौ की पहचान हो पाई है। शुरुआत में 90 फीसदी कोरोना संक्रमित बाहर से आने वाले ही थे, लेकिन अब संक्रमण कम्यूनिटी स्तर पर आ गया है। जो लोग बीते छह माह से कहीं बाहर नहीं गए, वे भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। हैलट में जो रोगी भर्ती हुए हैं, उनमें 11 गर्भवती महिलाएं हैं। एक की मौत भी हो चुकी है। इनके संक्रमण स्रोत का पता नहीं चला है।