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Corona In Kanpur: जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच के लिए सैंपल ही नहीं, डेल्टा प्लस की पहचान मेें दिक्कत
Sun, 25 Jul 2021 04:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 25 Jul 2021 04:16 PM IST
सार
जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए हर 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाने थे। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है।
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डेल्टा प्लस
- फोटो : pixabay
विस्तार
कानपुर में कोरोना रोगियों की संख्या बिल्कुल घट जाने की वजह से अब डेल्टा प्लस की पहचान के लिए रोगियों के सैंपल नहीं मिल पा रहे हैं। जो एक-दो कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, वे मानक के अनुरूप नहीं हैं। इन सैंपलों की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच करके वायरस की पहचान की जाएगी।
इसी से डेल्टा प्लस पकड़ में आएगा। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए हर 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाने थे। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है। कोरोना संक्रमितों के सैंपल लेकर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी दिल्ली भेजे जाते हैं।
हर पखवाड़े 15 सैंपल भेजे जाने हैं लेकिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 10 जुलाई के बाद सैंपल नहीं भेजे हैं। इस दिन सिर्फ 10 सैंपल ही भेजे गए थे। विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने बताया कि रोगियों की संख्या घट गई है। इससे पूरे सैंपल ही नहीं मिल पा रहे।
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जीनोम सिक्वेंसिंग के वास्ते लिए जाने वाले सैंपल के मानक के संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने बताया कि सीटी वैल्यू 30 से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उन संक्रमितों का सैंपल लिया जाएगा, जिन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ा हो। जो दोबारा कोविड संक्रमित हुए हों, ऐसे रोगी जो कोविड टीकाकरण के बाद पॉजिटिव हुए हों।
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इसी से डेल्टा प्लस पकड़ में आएगा। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए हर 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाने थे। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की पहचान के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है। कोरोना संक्रमितों के सैंपल लेकर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी दिल्ली भेजे जाते हैं।
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हर पखवाड़े 15 सैंपल भेजे जाने हैं लेकिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने 10 जुलाई के बाद सैंपल नहीं भेजे हैं। इस दिन सिर्फ 10 सैंपल ही भेजे गए थे। विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने बताया कि रोगियों की संख्या घट गई है। इससे पूरे सैंपल ही नहीं मिल पा रहे।
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जीनोम सिक्वेंसिंग के वास्ते लिए जाने वाले सैंपल के मानक के संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने बताया कि सीटी वैल्यू 30 से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उन संक्रमितों का सैंपल लिया जाएगा, जिन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ा हो। जो दोबारा कोविड संक्रमित हुए हों, ऐसे रोगी जो कोविड टीकाकरण के बाद पॉजिटिव हुए हों।