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Corona Active Cases In Kanpur: एक महीने बाद कोरोना ने फिर ली जान, पुराने क्षेत्रों में मिले संक्रमित
Sun, 07 Mar 2021 09:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Mar 2021 09:52 PM IST
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कोरोना जांच
- फोटो : पीटीआई
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कोरोना संक्रमण के फैलाव में तेजी के संकेत मिलने लगे हैं। एक महीने बाद रविवार को कोरोना से एक मौत हुई है। 66 साल के बुजुर्ग कोयलानगर के रहने वाले थे और डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फेफड़ों में निमोनिया था। इससे पहले छह फरवरी को 62 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। इसके साथ ही आठ नए कोरोना संक्रमित मिले हैं।
रोशननगर सरीखे क्षेत्रों में जहां कोरोना खत्म माना जा रहा था, फिर रोगी मिलने लगे हैं। ऐसी स्थिति में अगर लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई तो कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमित मरने वाले रोगियों का आंकड़ा 839 हो गया है। इनमें 98 फीसदी रोगी ऐसे हैं जो कई रोगों से ग्रस्त और बुजुर्ग थे।
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रोशननगर सरीखे क्षेत्रों में जहां कोरोना खत्म माना जा रहा था, फिर रोगी मिलने लगे हैं। ऐसी स्थिति में अगर लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई तो कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमित मरने वाले रोगियों का आंकड़ा 839 हो गया है। इनमें 98 फीसदी रोगी ऐसे हैं जो कई रोगों से ग्रस्त और बुजुर्ग थे।
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सरकार ने बुजुर्गों और कोमॉर्बिड लोगों के लिए वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर दी है। लेकिन लोग दिलचस्पी न दिखाकर खतरा मोल ले रहे हैं। 60 साल और इससे अधिक आयु के बुजुर्ग और 45 साल से 60 साल आयु के बीच के कोमॉर्बिड लोगों को चिह्नित करके स्वास्थ्य विभाग ने शहर के साढ़े पांच लाख लाभार्थियों की सूची तैयार की है।
इनके वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर दी गई है। लोग चाहें तो सरकारी वैक्सीनेशन सेंटरों पर मुफ्त वैक्सीन लगवा लें या निजी अस्पताल के सेंटर पर जाकर ढाई सौ रुपये में वैक्सीन लगवा लें। इसकेे साथ ही ऑनस्पॉट और ऑनलाइन दोनों तरह के रजिस्ट्रेशन की सुविधा है।
फिर भी हालत यह है कि रविवार तक 60 साल और इसके अधिक आयु के सिर्फ पांच फीसदी लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई है। कोमॉर्बिड लाभार्थियों में सिर्फ 4.2 प्रतिशत लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि लाभार्थियों की सहूलियत के सारे इंतजाम किए जा रहे हैं।
इनके वैक्सीनेशन की व्यवस्था कर दी गई है। लोग चाहें तो सरकारी वैक्सीनेशन सेंटरों पर मुफ्त वैक्सीन लगवा लें या निजी अस्पताल के सेंटर पर जाकर ढाई सौ रुपये में वैक्सीन लगवा लें। इसकेे साथ ही ऑनस्पॉट और ऑनलाइन दोनों तरह के रजिस्ट्रेशन की सुविधा है।
फिर भी हालत यह है कि रविवार तक 60 साल और इसके अधिक आयु के सिर्फ पांच फीसदी लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई है। कोमॉर्बिड लाभार्थियों में सिर्फ 4.2 प्रतिशत लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि लाभार्थियों की सहूलियत के सारे इंतजाम किए जा रहे हैं।