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अब दोबारा जांची जा सकेगी कॉपी
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 08 Jan 2016 02:05 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2015-16 की कॉपी दोबारा जंचवाने (चैलेंज इवैल्यूएशन) का नया नियम बनाया है। इसके तहत स्टूडेंट कॉपी देखेंगे, फिर जांचने की प्रक्रिया को चुनौती देंगे।
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फीस जमा करके दूसरे शिक्षक से कॉपी जंचवाने की रजामंदी भी देनी होगी। अभी तक यूनिवर्सिटी में दोबारा कॉपी जांचने का नियम नहीं था। सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत स्टूडेंट कॉपी देखते जरूर थे लेकिन गड़बड़ी में सुधार नहीं हो पाता था। यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा।
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इसी का नतीजा है कि पूरा मामला गुरुवार को परीक्षा समिति मेें रखा गया। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता वाली समिति ने चैलेंज इवैल्यूएशन की व्यवस्था बना दी। सत्र 2015-16 से स्टूडेंट 3000 रुपये फीस जमा करके दोबारा मूल्यांकन की मांग कर सकते हैं। इस पर यूनिवर्सिटी की दो सदस्यीय कमेटी कॉपी देखेगी।
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जिस कॉपी में 15 फीसदी से कम मार्क्स का अंतर आएगा, उनका दोबारा मूल्यांकन नहीं होगा। पूरी फीस भी जब्त हो जाएगी। यदि मार्क्स में 15 से 35 फीसदी का अंतर मिला तो कॉपी दोबारा जांची जाएगी। मार्क्स भी बढ़ाए जाएंगे। ऐसी स्थिति में यूनिवर्सिटी प्रशासन स्टूडेंटों की जमा फीस से 2500 रुपये वापस भी करेगा।
दोबारा कॉपी जांचने में 35 फीसदी से ज्यादा मार्क्स का अंतर मिला तो पहले कॉपी जांचने वाले शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुलपति का कहना है कि नई व्यवस्था से कॉपी जांचने की प्रक्रिया में सुधार आएगा। स्टूडेेंटों को भी राहत मिलेगी।
छह महीने में ही सुधरवाएं गलती
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट की गलती सुधारने की समयसीमा तय कर दी है। अब रिजल्ट घोषित होने के छह महीने के अंदर ही गलती में सुधार कराना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो गलती बरकरार रहेगी। इसमें किसी तरह का सुधार नहीं कराया जा सकेगा। यह व्यवस्था भी पहली बार सत्र 2015-16 से लागू की जाएगी।
बदलेगा एलएलबी का एग्जाम शेड्यूल
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी से संबद्ध लॉ कॉलेजों का परीक्षा शेड्यूल बदला जाएगा। यूनिवर्सिटी ने एलएलबी (तीन वर्षीय) की परीक्षा पांच दिन और बीए एलएलबी ऑनर्स (पांच वर्षीय) की परीक्षा छह दिन में कराने का शेड्यूल जारी किया था, जिसका स्टूडेंटों और परीक्षा समिति ने विरोध किया।
कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन से मिलने के बाद स्टूडेंटों ने कहा कि परीक्षा के लिए 10 दिन का समय मिलना चाहिए। इस पर एलएलबी का एग्जाम शेड्यूल बदलने का फैसला हुआ। एलएलबी की परीक्षाएं 28 जनवरी से प्रस्तावित की गई हैं।
अनुदानित कॉलेजों में होगी प्राइवेट परीक्षा
विवि की प्राइवेट परीक्षा 2015-16 अनुदानित कॉलेजों में कराई जाएगी। इसीलिए एग्जाम का विस्तृत शेड्यूल नहीं जारी किया जा सका। परीक्षा समिति ने कहा कि सिस्टम मैनेजर डॉ. सरोज द्विवेदी सही ढंग से एग्जाम शेड्यूल बनाकर सोमवार तक उपलब्ध कराएं, ताकि इसे जारी किया जा सके।
अभी के एग्जाम शेड्यूल में तमाम खामियां हैं। इसके हिसाब से परीक्षा हुई तो प्राइवेट के केंद्र निजी कॉलेजों में बनाने पड़ेंगे, जबकि ऐसा नहीं होना है। अनुदानित कॉलेजों में ही परीक्षा कराई जाएगी।
यूपीटीटीआई के शिक्षक को राहत
पीएचडी की थीसिस का मैटर चुराने के आरोपों से घिरे उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआई) के शिक्षक प्रमोद कुमार को राहत मिल गई है। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति ने गुरुवार को सभी तरह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रमोद कुमार का वायवा जल्द कराया जाएगा।
वायवा लेने के लिए थीसिस जांचने वाले शिक्षकों को बुलाया जाना चाहिए। यह मामला वर्ष 2004 से चल रहा है। प्रमोद कुमार ने कानपुर यूनिवर्सिटी में पीएचडी का रजिस्ट्रेशन कराया था। सुपरवाइजर आईआईटी दिल्ली के थे, जिन्होंने थीसिस का मैटर चुराने का आरोप लगाया था।
दागी कॉलेज फिर बनाए परीक्षा केंद्र
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति ने सामूहिक नकल कराने वाले 34 दागी कॉलेजों को फिर परीक्षा केंद्र बनाने पर गुरुवार को मुहर लगा दी। साथ ही कहा कि यूनिवर्सिटी के एक-एक पर्यवेक्षक की देखरेख में परीक्षा कराई जाएगी।
इसका समिति के तमाम सदस्यों ने विरोध भी किया लेकिन उसे दरकिनार कर दिया गया। 34 कॉलेजों के सेंटर बदलने और उनके स्टूडेंटों की परेशानी की दलील देते हुए शिक्षक, उड़नदस्तों से संबंधित नकल की रिपोर्ट भी खारिज कर दी गई।
इन कॉलेजों को 2014-15 की परीक्षा में नकल का दोषी पाया गया था। सबके स्टूडेेंटों के 15-20 फीसदी मार्क्स भी काटे गए थे। यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण मीटिंग गुरुवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम 2015-16 को 5 मार्च से 30 अप्रैल के बीच कराने का फैसला किया।
इसका विस्तृत शेड्यूल जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। यह पहला मौका है, जब रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम एक साथ कराने का फैसला हुआ। परीक्षा समिति ने नोडल और परीक्षा केंद्र बनाने पर मुहर लगा दी। समिति ने कहा कि जिन कॉलेजों में पेपर होंगे, उनसे नोडल केंद्र की दूरी 20 किलोमीटर होनी चाहिए।
हर पाली का पेपर परीक्षा केंद्रों पर 30 मिनट पहले ही भेजा जाएगा। ओएमआर बेस्ड एग्जाम की मॉनीटरिंग का निर्णय लिया गया है।