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विवादित प्रोजेक्ट ‘ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क’ का उद्घाटन करेंगे सीएम
संतोष सिंह, कानपुर
Updated Thu, 10 Sep 2015 01:34 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 11 सितंबर को बिठूर में जिस ‘ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क’ का उद्घाटन करने शहर आ रहे हैं, वह विवादों की नींव पर खड़ा है।
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विवाद यह है कि सरकारी रिकार्ड के मुताबिक शासनादेश को दरकिनार करके इस थीम पार्क को नाली की दो बीघा चार बिस्वा और धोबीघाट की चार बिस्वा जमीन दे दी गई है जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता।
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इस मामले को लेकर पार्क से जुड़े बगदौधी बांगरगांव के ग्रामीण राजाराम ने पहले एसडीएम कोर्ट और फिर अपर आयुक्त कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जो अब तक लंबित थी। लेकिन, पार्क के उद्घाटन से मुख्यमंत्री का नाम जुड़ते ही आनन-फानन में अपर आयुक्त आत्माराम सगर ने बुधवार को इस याचिका को खारिज कर दिया।
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और तो और इस मामले की सुनवाई 10 सितंबर यानी गुरुवार को एसडीएम सदर की कोर्ट में करने का आदेश दे दिया। याचिका पर इतनी जल्दी कार्यवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता राजाराम ने भी इस पर हैरानी जताई है।
राजाराम ने कहा कि अपर आयुक्त के यहां दाखिल याचिका पर अक्तूबर में सुनवाई होनी थी। अब यकायक कैसे सुनवाई
होने लगी। इसका मतलब दाल में कुछ काला है। वह अब इलाहाबाद हाईकोर्ट जाएंगे। सदर तहसील के बिठूर क्षेत्र के बगदौधी बांगर गांव में ब्लू वर्ल्ड थीम पार्क का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेंगे।
उनके आने का कार्यक्रम भी तय हो गया है। इससे पहले ही थीम पार्क को दी गई सरकारी जमीन का विवाद सामने आ गया। पता चला है कि इस पार्क के लिए सरकारी जमीन भी दे दी गई है। जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता। नाली और धोबीघाट की जमीन से निजी जमीन की अदला-बदली का प्रावधान नहीं है। न ही इसे किसी के नाम किया जा सकता है।
यह सुरक्षित (धारा 132) भूमि होती है, इसलिए राजस्व परिषद ने जमींदारी विनाश अधिनियम के तहत जमीन ट्रांसफर पर रोक लगा रखी है। लेकिन, इस पार्क के मामले में ऐसा किया गया। बिल्हौर तहसील क्षेत्र के एक गांव की नाली की जमीन भी पार्क के बीच में आ गई है।
इस पर क्षेत्र के राजाराम ने आपत्ति की और जमीन देने के फैसले पर रोक लगाने की मांग एसडीएम कोर्ट से की। इस मामले की सुनवाई 23 जून 2009 से चल रही है। एसडीएम सदर कोर्ट में मामला लंबा खिंचा तो शिकायतकर्ता ने 30 जुलाई 2014 को अपर आयुक्त कोर्ट में निगरानी वाद डाला।
यहां भी मामला चलता रहा लेकिन अचानक आठ सितंबर को कोर्ट बैठी और खुली अदालत में सुनवाई करके नौ सितंबर को निगरानी वाद खारिज करने का आदेश जारी कर दिया।
यही नहीं जिस एसडीएम कोर्ट में मामला 2009 से लंबित है, उसकी सुनवाई की डेट भी 10 सितंबर निर्धारित कर दी। शिकायतकर्ता राजाराम का कहना है कि यह हैरान करने वाला आदेश है। मेरे अधिवक्ता ने बताया था कि निगरानी याचिका पर सुनवाई अक्तूबर में होगी लेकिन इस पर फैसला बुधवार को ही आ गया।
उन्हें एसडीएम कोर्ट में 10 सितंबर की सुनवाई की जानकारी भी नहीं दी गई। यदि मंडल और जिला स्तर से न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं थीम पार्क के जमीनी विवाद की जानकारी मुख्यमंत्री को दे दी गई है। कहा गया कि कब्रिस्तान की जमीन पर भी कब्जे के आरोप हैं।
ये है मामला
सदर तहसील क्षेत्र के बगदौधी बांगर गांव की खाता संख्या 702 की गाटा संख्या 390/0.018 हेक्टेयर, 400/0.029 हेक्टेयर, 417/0.028 हेक्टेयर, 418/0.020 हेक्टेयर, 421/0.020 हेक्टेयर, 425/0.010 हेक्टेयर (कुल 10 किता रकबा 0.439 हेक्टेयर) भूमि नाली में दर्ज है जो पार्क में ले ली गई है। बिल्हौर तहसील क्षेत्र के गाटा संख्या 81 की नाली की भूमि भी वॉटर पार्क के बीचो बीच है।
इसी गांव की खाता संख्या 713 की भूमि 409ग/0.041 हेक्टेयर नोनार (बंजर) है। जिसे भी पार्क को दे दिया गया है।