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Kanpur News: दो साल में पूरा होगा अनवरगंज - मंधना एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण
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कानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे ने बहुप्रतीक्षित अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। निर्माण की अवधि दो साल है। यह कार्य पूरा होते ही लाखों शहरवासियों को इस रूट की 14 रेलवे क्राॅसिंगों के जाम से निजात मिल जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से जारी टेंडर के अनुसार, पहली प्री-बिड कान्फ्रेंस पांच जून को दूसरी प्री बिड कान्फ्रेंस 25 जून को होगी। इसमें टेंडर डालने की इच्छुक कंपनियों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे। उनकी इस कार्य से संबंधित जिज्ञासाएं दूर की जाएंगी। कंस्ट्रक्शन कंपनियां 30 जुलाई को सुबह 11:0 बजे तक ई-टेंडर डाल सकेंगी। इसके बाद टेक्निकल बिड का अध्ययन किया जाएगा। इसमें चयनित कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएंगी और जिस कंपनी ने सबसे कम धनराशि में यह कार्य करने के लिए टेंडर डाला होगा, उससे यह कार्य कराया जाएगा।
अमर उजाला ने जरीबचौकी से मंधना तक रेलवे क्रासिंगों के बार-बार बंद होने से लोगों के जाम में फंसने सहित अन्य दिक्कतों को कई बार प्रकाशित किया। अमर उजाला की ही पहल पर सांसद रमेश अवस्थी ने इस रूट पर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण जल्द कराने वादा किया था। सांसद के अनुसार, उन्होंने रेल मंत्री तक पैरवी की। शहरवासियों को जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बड़ी परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। 15.51 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड ट्रैक का टेंडर 15 मई को जारी हुआ। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये से अधिक है। आगामी दो वर्षों में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। यह ट्रैक न केवल ट्रैफिक समस्या को कम करेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाएगा। इसके बाद रामादेवी से लेकर गोल चौराहे तक एलिवेटेड रोड का निर्माण भी शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। इसे उन्होंने शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात बताया।
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पूर्वोत्तर रेलवे की तरफ से जारी टेंडर के अनुसार, पहली प्री-बिड कान्फ्रेंस पांच जून को दूसरी प्री बिड कान्फ्रेंस 25 जून को होगी। इसमें टेंडर डालने की इच्छुक कंपनियों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे। उनकी इस कार्य से संबंधित जिज्ञासाएं दूर की जाएंगी। कंस्ट्रक्शन कंपनियां 30 जुलाई को सुबह 11:0 बजे तक ई-टेंडर डाल सकेंगी। इसके बाद टेक्निकल बिड का अध्ययन किया जाएगा। इसमें चयनित कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएंगी और जिस कंपनी ने सबसे कम धनराशि में यह कार्य करने के लिए टेंडर डाला होगा, उससे यह कार्य कराया जाएगा।
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अमर उजाला ने जरीबचौकी से मंधना तक रेलवे क्रासिंगों के बार-बार बंद होने से लोगों के जाम में फंसने सहित अन्य दिक्कतों को कई बार प्रकाशित किया। अमर उजाला की ही पहल पर सांसद रमेश अवस्थी ने इस रूट पर एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण जल्द कराने वादा किया था। सांसद के अनुसार, उन्होंने रेल मंत्री तक पैरवी की। शहरवासियों को जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए एक बड़ी परियोजना को स्वीकृति मिल गई है। 15.51 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड ट्रैक का टेंडर 15 मई को जारी हुआ। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1000 करोड़ रुपये से अधिक है। आगामी दो वर्षों में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। यह ट्रैक न केवल ट्रैफिक समस्या को कम करेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाएगा। इसके बाद रामादेवी से लेकर गोल चौराहे तक एलिवेटेड रोड का निर्माण भी शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। इसे उन्होंने शहरवासियों के लिए बड़ी सौगात बताया।
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