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Kanpur News: अकबरपुर में गांधी प्रतिमा के नीचे उपवास पर बैठे कांग्रेसी
Mon, 12 Jan 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:18 AM IST
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कानपुर देहात। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत अकबरपुर में गांधी प्रतिमा के नीचे एक दिवसीय उपवास किया गया। आंदोलन को और तेज करने की रुपरेखा बनी।
जिलाध्यक्ष अमरीश सिंह गौर के नेतृत्व में उपवास के लिए कांग्रेसी जुटे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह अभियान लगातार 25 फरवरी तक चलेगा और ग्राम पंचायत तक लोगों को मनरेगा के प्रति जागरूक किया जाएगा। गांव-गांव जाकर श्रमिकों, मजदूरों व किसानों को बताया जाएगा कि किस तरीके से मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर किसान-मजदूर का अधिकार छीन लिया है।
यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह कानून लागू किया था। अब मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म करने का कुचक्र किया है। मनरेगा में हर परिवार को न्यूनतम 100 दिन के काम को कानूनी गारंटी मिलती थी लेकिन अब नए नियम के तहत आपके पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। मोदी सरकार द्वारा चुने हुए गांव में ही काम मिलेगा। भुगतान केंद्र सरकार करती थी लेकिन अब 40 फीसदी राज्य सरकार को वहन करने की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार इतना बड़ा बोझ नहीं उठा सकती।
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मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला कोआर्डिनेटर दिलीप कुमार सिंह मुन्ना ने कहा कि काम की गारंटी, मजदूर की गारंटी, जवाब देही की गारंटी तथा मनरेगा में किए गए बदलाव की तत्काल वापसी होनी चाहिए।
मनरेगा बचाओ संग्राम 25 फरवरी तक निरंतर चलता रहेगा। यहां वाजिद कुरैशी, विमल शुक्ला, मनोरमा संखवार, नीलम, पिंटू दिवाकर, आनंद बाबू द्विवेदी, आरिफ खान आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष अमरीश सिंह गौर के नेतृत्व में उपवास के लिए कांग्रेसी जुटे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह अभियान लगातार 25 फरवरी तक चलेगा और ग्राम पंचायत तक लोगों को मनरेगा के प्रति जागरूक किया जाएगा। गांव-गांव जाकर श्रमिकों, मजदूरों व किसानों को बताया जाएगा कि किस तरीके से मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर किसान-मजदूर का अधिकार छीन लिया है।
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यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह कानून लागू किया था। अब मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म करने का कुचक्र किया है। मनरेगा में हर परिवार को न्यूनतम 100 दिन के काम को कानूनी गारंटी मिलती थी लेकिन अब नए नियम के तहत आपके पास कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी। मोदी सरकार द्वारा चुने हुए गांव में ही काम मिलेगा। भुगतान केंद्र सरकार करती थी लेकिन अब 40 फीसदी राज्य सरकार को वहन करने की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार इतना बड़ा बोझ नहीं उठा सकती।
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मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला कोआर्डिनेटर दिलीप कुमार सिंह मुन्ना ने कहा कि काम की गारंटी, मजदूर की गारंटी, जवाब देही की गारंटी तथा मनरेगा में किए गए बदलाव की तत्काल वापसी होनी चाहिए।
मनरेगा बचाओ संग्राम 25 फरवरी तक निरंतर चलता रहेगा। यहां वाजिद कुरैशी, विमल शुक्ला, मनोरमा संखवार, नीलम, पिंटू दिवाकर, आनंद बाबू द्विवेदी, आरिफ खान आदि मौजूद रहे।