{"_id":"57ea93514f1c1b653b574ccf","slug":"congress-give-tickets-to-most-backward-in-every-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर जिले में अति पिछड़े को टिकट देगी कांग्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर जिले में अति पिछड़े को टिकट देगी कांग्रेस
पंकज प्रसून, कानपुर
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्राह्मणों को पार्टी से जोड़ने की मुहिम के बाद अब कांग्रेस ने अति पिछड़ों को जोड़ने की योजना बनाई है। पार्टी ने तय किया है कि प्रदेश के सभी जिलों में कम से कम एक सीट पर अति पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति को विधानसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और प्रदेश इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजाराम पाल के बीच इस मसले पर मंथन हुआ है। अभी तक अति पिछड़ों के संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की एक बैठक पीके और राजाराम पाल के साथ हो चुकी है। दूसरी भी जल्द होने वाली है।
अति पिछड़ों की दृष्टि से पीके ने जब 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति का आंकलन किया तो पता चला कि 52 सीटों पर सिर्फ यादवों को टिकट दिया गया था। इस बार तय किया गया है कि यादवों को टिकट सोच समझकर दिया जाएगा। तय किया गया है कि छह अक्तूबर के बाद अति पिछड़ों के प्रत्येक संगठन से जुड़े पांच से 11 प्रमुख पदाधिकारियों की एक और बैठक लखनऊ में होगी। इसमें पीके, राजाराम के अलावा राहुल गांधी भी रहेंगे। अति पिछड़ों के ये पदाधिकारी ऐसे होंगे जो सिर्फ अपनी बिरादरी के लोगों को कांग्रेस से जोड़ने के अभियान पर निकलेंगे। इसके लिए पार्टी इन्हें गाड़ी और भोजन, पानी का खर्च भी देगी। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह अभियान 30 दिनों के लिए चलाया जाएगा। इसके बाद अति पिछड़ों की महारैली लखनऊ में होगी।
अति पिछड़ों की इन जातियों पर फोकस
पाल, सचान, कटियार, निषाद, कुशवाहा, प्रजापति, साहू, धनिक, धोबी, धरिकार।
प्रदेश में पिछड़ों, अति पिछड़ों का प्रतिशत
54 प्रतिशत पिछड़ी जातियां
44 अति प्रतिशत पिछड़ी जातियां
विज्ञापन
अति पिछड़ों की दृष्टि से पीके ने जब 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति का आंकलन किया तो पता चला कि 52 सीटों पर सिर्फ यादवों को टिकट दिया गया था। इस बार तय किया गया है कि यादवों को टिकट सोच समझकर दिया जाएगा। तय किया गया है कि छह अक्तूबर के बाद अति पिछड़ों के प्रत्येक संगठन से जुड़े पांच से 11 प्रमुख पदाधिकारियों की एक और बैठक लखनऊ में होगी। इसमें पीके, राजाराम के अलावा राहुल गांधी भी रहेंगे। अति पिछड़ों के ये पदाधिकारी ऐसे होंगे जो सिर्फ अपनी बिरादरी के लोगों को कांग्रेस से जोड़ने के अभियान पर निकलेंगे। इसके लिए पार्टी इन्हें गाड़ी और भोजन, पानी का खर्च भी देगी। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह अभियान 30 दिनों के लिए चलाया जाएगा। इसके बाद अति पिछड़ों की महारैली लखनऊ में होगी।
विज्ञापन
अति पिछड़ों की इन जातियों पर फोकस
पाल, सचान, कटियार, निषाद, कुशवाहा, प्रजापति, साहू, धनिक, धोबी, धरिकार।
प्रदेश में पिछड़ों, अति पिछड़ों का प्रतिशत
54 प्रतिशत पिछड़ी जातियां
44 अति प्रतिशत पिछड़ी जातियां