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चुनावी दंगल: यूपी की इस सीट पर बसपा-कांग्रेस ने खेला दांव, जल्द ही भाजपा और सपा भी खोलेगी अपने पत्ते
Sun, 15 Sep 2019 01:07 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 15 Sep 2019 01:07 AM IST
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गोविंद नगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी में उपचुनाव का बिगुल फुंक चुका है। सभी दलों ने चुनावी रण में अपनी अपनी बिसात बिछा दी है। यूपी की कई सीटों पर उपचुनाव होना है। जिसमें कानपुर भाजपा का गढ़ माना जाता है। पूर्व विधायक भी भाजपा पार्टी से ही थे। ऐसे में अन्य दल उपचुनाव में क्या गुल खिला पाते हैं ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।
कानपुर शहर के राजनीतिक गलियारों में गोविंदनगर उप चुनाव चर्चा का विषय है। इसमें भाजपा प्रत्याशी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। दरअसल बसपा ने ब्राह्मण बिरादरी से देवी तिवारी और कांग्रेस ने ठाकुर बिरादरी से करिश्मा ठाकुर के रूप में प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है।
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कानपुर शहर के राजनीतिक गलियारों में गोविंदनगर उप चुनाव चर्चा का विषय है। इसमें भाजपा प्रत्याशी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। दरअसल बसपा ने ब्राह्मण बिरादरी से देवी तिवारी और कांग्रेस ने ठाकुर बिरादरी से करिश्मा ठाकुर के रूप में प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है।
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सवाल यह है कि अब भाजपा किस बिरादरी का प्रत्याशी चुनाव मैदान में लाएगी। वैसे 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करेंगे तो गोविंदनगर में तीनों पार्टियों ने ब्राह्मण पर ही भरोसा जताया था। गोविंदनगर सीट को आमतौर पर ब्राह्मण बहुल माना जाता है।
पिछले तीन बार भाजपा के सत्यदेव पचौरी इस सीट से विधायक चुने गए थे। उनके सांसद बनने से अब यह सीट खाली हुई है। बताया जा रहा है कि भाजपा में पार्टी स्तर पर प्रत्याशी को लेकर सब कुछ तय हो चुका है। फिर भी लोगों के बीच कयासबाजी चल रही है।
भाजपा में इस सीट के लिए दावेदारों की बात करें तो ऐसे लोगों की संख्या 60 के आसपास है। जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। कई ऐसे नाम होर्डिंग्स में नजर आ रहे हैं, जो कभी सुने नहीं गए। इसकी वजह यह है कि ऐसे लोग टिकट मिलते ही जीत सुनिश्चित मानकर चल रहे हैं।
पिछले तीन बार भाजपा के सत्यदेव पचौरी इस सीट से विधायक चुने गए थे। उनके सांसद बनने से अब यह सीट खाली हुई है। बताया जा रहा है कि भाजपा में पार्टी स्तर पर प्रत्याशी को लेकर सब कुछ तय हो चुका है। फिर भी लोगों के बीच कयासबाजी चल रही है।
भाजपा में इस सीट के लिए दावेदारों की बात करें तो ऐसे लोगों की संख्या 60 के आसपास है। जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। कई ऐसे नाम होर्डिंग्स में नजर आ रहे हैं, जो कभी सुने नहीं गए। इसकी वजह यह है कि ऐसे लोग टिकट मिलते ही जीत सुनिश्चित मानकर चल रहे हैं।