बांस मंडी अग्निकांड: दीवारों में आई दरार, छतें झुकीं, कभी भी ढ़ह सकती हैं ये दो इमारतें
बांस मंडी स्थित थोक कपड़ा बाजार में 60 घंटे से भी ज्यादा समय से आग धधकने की वजह से दीवारें दरक गई हैं। छतें भी झुक गई हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 25-25 जवान आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं।
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कानपुर में बांस मंडी स्थित थोक कपड़ा बाजार में लगी भीषण आग तीन दिन बाद भी धधक रही है। आग बुझाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की भी दो टीमें लगी हैं। टीम ने एआर टाॅवर और मसूद कॉम्प्लेक्स को लेकर पुलिस अधिकारियों को प्राथमिकी रिपोर्ट दी है। आशंका जताई है कि ये दोनों इमारतें किसी भी समय ढह सकती हैं।
रिपोर्ट में बताया है कि 60 घंटे से भी ज्यादा समय से आग धधकने की वजह से दीवारें दरक गई हैं। छतें भी झुक गई हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 25-25 जवान घटनास्थल पर पहुंचे हैं। पहले दोनों टीमों ने बाहर से चारों इमारतों का निरीक्षण किया। इसके बाद धीरे-धीरे तीन इमारतों में स्थिति का जायजा लेने के लिए अंदर दाखिल हुए, मगर किसी इमारत में तोड़फोड़ नहीं की। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि एआर और मसूद कॉम्प्लेक्स को लेकर एनडीआरएफ के प्रमुख ने रिपोर्ट दी है। आग बुझने के बाद टेक्निकल टीम से मुआयना कराया जाएगा।
गैस चैंबर बना आधा किमी का इलाका, घरों में घुटता रहा दम
थोक कपड़ा बाजार में गुरुवार देर रात लगी आग शनिवार की शाम तक रुक-रुककर धधकती रही। रविवार को भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका। जल रहे कपड़ों पर पानी की बौछार पड़ने से निकले धुएं की वजह से करीब आधा किमी का इलाका गैस चैंबर में तब्दील हो चुका है। घरों के अंदर भी लोगों का दम घुट रहा।
बांसमंडी इलाके में रहने वाले सलमान, रहमतुननिशां ने बताया कि गुरुवार रात से आग लगे होने के कारण धुआं घरों में पहुंच गया। रात को भी कमरे में धुआं भर जाने से कई बार आंख खुली। दरवाजे खिड़की खोलने से समस्या और हो रही है। ऐसे में कूलर बंद करके किसी तरह से रात गुजारी।
इलाके के ही यूनुस बेग, इमतियाज अली ने बताया कि उनके परिचितों की हमराज कॉप्लेक्स में तीन दुकानें हैं। गुरुवार रात वह घरों में सो रहे थे। करीब तीन बजे शोर शराबा सुनकर आंख खुली तो घर से बाहर भागे। पूरा इलाका धुएं से भरा हुआ था। आसमान में चारों तरफ सिर्फ धुंध नजर आ रहा था। सांस लेने में तकलीफ होने पर छत पर चले गए। घर पर बीमार मां हैं, जिन्हें दमा की समस्या है। रात को ही उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगाकर किसी तरह राहत पहुंचाई गई। दो दिन बाद भी इलाके से धुआं नहीं छट सका है। दो ऑक्सीजन सिलिंडर लाकर स्टॉक में रखे हैं। लोग घरों से बाहर आकर सड़कों पर दिन और रात काट रहे हैं।
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थोक बाजार अग्निकांड एक नजर में
- तीन दिन से धधक रही आग - 12 आईपीएस अफसरों की निगरानी में राहत बचाव कार्य जारी।
- 1000 पुलिस कर्मियों की तैनाती प्रत्येक शिफ्ट में।
- 50 से अधिक अग्निशमन गाड़ियों को लगाया गया।
- 03 हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ियों भी शामिल।
- 25 एनडीआरएफ के जवानों की तैनाती।
- 25 एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती।
- 06 इमारतें और 16 घर आग की चपेट में।
- 50 घरों को कराया गया खाली।
- 09 लाख लीटर पानी का आग बुझाने में किया जा चुका इस्तेमाल।