दोस्तों जइसा कि हम लोगन का पहिले बताय रहन कि हम आपन दोस्त संकठा, संतोस, मनोहर अउर पुत्तन के साथ गे रहन कुम्भ.. भय्या अबकी बहुत सरदी आय तो कुम्भ नहाय मा चोंक लेत रही.. श्यामनगर वाले पुत्तन तो पानी मा उतरेन नाही चाहत रहैं..
पुत्तन कहिन एक शर्त पे नहइबे.. हम जइसेहे नहाय के बाहर निकली तो तुम्हरे हाथ मा गरम गरम चाय केर कुल्हड़ होय के चाहि.. हमका आइडिया ना रहा कि इत्ती ठण्ड मा बरसात हुई जइहै.. देखो मलवां तक तो हमरा नहाय केर मन रहा.. खागा केर बाद हमरा मन बदल गवा.. संतोस कहिन अरे ई कांचू होय.. इनका छोडो चलो हम लोगे स्नान करि.. हम लोगे हर हर महादेव केर जयकारा लगावत त्रिवेणी मा उतरी गे..
अभीन दुई डुबकी लगावा रहै कि संकठा पानी मा चिल्लावे लाग अरे हमरे पैर मा सांप लिपटि गा...सांप लिपटि गा.. हम सबै उनका बाहर निकालेन तो देखा उनके पैर मा फूल माला लिपटी रही.. हम लोगे फिर संगम मा डुबकी लगावे लगे.. तबहीं एक नाव हमरे बगल से गुजरी तो ओका मल्लाह हमसे कहे लाग अउर राजू भईया.. बहुतै भागसाली हौ आप.. साक्षात् महादेव संगै स्नान करि रहे हौ.. हम ध्यान से देखा तो हमरे बगलै मा एक ठो सांप लहरावत रहा..
अरे हमरा तो दम सूख गवा.. खैर उई तैर के आगे निकसि गे तब हमरी जान मा जान आई.. कुछ लोग हमरी फोटू खींचे लाग.. हम कहा यार खाली कच्छा पहिने नहाय रहे हन.. हम कभों एक्सपोज नाही किया हन.. बाद मा हम सबै स्नान करि के संगम किनारे बइठे रहे तबहीं मनोहर कहे लाग, गुरु एक बात हम नोटिस किये हन कि सरदी केर मौसम मा तलाक बहुत कम होत हैं.. तो संकठा हुमक के बोले यार मनोहर तुमका ई सब जगह पे अइस मुराही केर बात काहे सूझत है..
आगे हम लोगे देखेन कि अबकी कइसे कइसे विचित्र नागा बाबा आय रहैं.. कौनो एक पैर पे खड़ा होय.. हठ योग किये हैं.. कौनो सेल्फी बाबा रहै.. कौनो हाईटेक बाबा रहा लैपटॉप वाला.. कौनो के पास बजूका बाइक रही तो कौनो के पास हार्ले डेविडसन .. कौनो लक्जरी कार लई के आवा रहै.. अबकी कुम्भ नहाय मा हम नोटिस किया कि हम जहाँ से भी गुजरे सब बाबा नागा लोग हमका देख के कहत रहे अउर गजोधर भईया..!! का हाल हैं..!! हम कहा यार ये बाबा लोगन के पास टीवी ईवी तो होत नाही तो फिर हमका कइसे पहिचानत हैं..