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Kanpur News: प्रवेश बढ़ाने के लिए 15 किमी तक दौड़ लगाएंगे महाविद्यालय
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कानपुर। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को तेज करने और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश प्रयागराज ने जारी आदेश में सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को क्षेत्र में 15 किलोमीटर तक स्थित इंटर कॉलेजों में संपर्क कर छात्रों को प्रवेश के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक महाविद्यालय इन संस्थानों में काउंसलिंग सत्र आयोजित कर छात्रों को उच्च शिक्षा के महत्व, उपलब्ध पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, रोजगार के अवसरों और संस्थागत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को सही दिशा में निर्णय लेने में सहायता करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पारदर्शी और प्रामाणिक होनी चाहिए। इसके लिए फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है साथ ही प्रतिभागी छात्रों का पूरा विवरण सुरक्षित रखने और समय-समय पर रिपोर्ट उच्च शिक्षा कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या कम है वहां विशेष अभियान चलाकर प्रवेश बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। यदि प्रयासों के बावजूद सुधार नहीं होता है तो संबंधित प्राचार्य, शिक्षक और कार्मिकों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया 15 मई तक हर हाल में पूरी कर ली जाए और सभी कॉलेज नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। विभाग का मानना है कि इस पहल से कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
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निर्देशों के अनुसार प्रत्येक महाविद्यालय इन संस्थानों में काउंसलिंग सत्र आयोजित कर छात्रों को उच्च शिक्षा के महत्व, उपलब्ध पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, रोजगार के अवसरों और संस्थागत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को सही दिशा में निर्णय लेने में सहायता करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया पारदर्शी और प्रामाणिक होनी चाहिए। इसके लिए फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है साथ ही प्रतिभागी छात्रों का पूरा विवरण सुरक्षित रखने और समय-समय पर रिपोर्ट उच्च शिक्षा कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या कम है वहां विशेष अभियान चलाकर प्रवेश बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। यदि प्रयासों के बावजूद सुधार नहीं होता है तो संबंधित प्राचार्य, शिक्षक और कार्मिकों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशक ने निर्देश दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया 15 मई तक हर हाल में पूरी कर ली जाए और सभी कॉलेज नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। विभाग का मानना है कि इस पहल से कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
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