फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   CNDS is focusing on new projects, turning a blind eye to the old.

Kanpur News: पुराने पर आंख मूंदे, नए कामों को तवज्जो दे रहा सीएनडीएस

Sat, 04 Apr 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 04 Apr 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
CNDS is focusing on new projects, turning a blind eye to the old.
कानपुर देहात। अकबरपुर में सीएनडीएस ने 12 साल पहले मिले आसरा कॉलोनी का काम पूरा नहीं कराया है। इससे आवासों का प्लास्टर गिर रहा है। दरवाजे व खिड़की क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई आवासों के दरवाजे गायब हैं। रंग-रोगन भी खराब हो गया है। अधूरे होने की वजह से 408 आवासों का आवंटन अटका है। यह तब है जब संस्था नए कामों को तवज्जो दे रही है।
विज्ञापन

सीएनडीएस जिले में दो बड़े काम करा रहा है। इसमें 14 करोड़ की लागत से माती में बाल सुधार गृह का निर्माण शामिल है। वहीं, करीब नौ करोड़ की लागत से डायट पुखरायां में हॉस्टल व सेमिनार हॉल बनाया जा रहा है। इसके अलावा राजपुर में शीतलामाता घाट, अकबरपुर नगर पंचायत कार्यालय नवीन भवन, रूरा में मार्केट, पुस्तकालय और अकबरपुर नगर में मार्केट निर्माण की शुरुआत की प्रक्रिया हो रही है। वर्ष 2013 में 40 करोड़ की लागत से अकबरपुर में रूरा मार्ग किनारे आसरा कॉलोनी का शुरू कराया गया निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन

कॉलोनी में कुल 888 आवास हैं। इसमें कुल 480 आवास का काम पूरा कराया गया। नगर पंचायत ने हैंडओवर लेकर इन आवासों का आवंटन भी कर दिया। अभी 408 आवास ऐसे हैं जिनका काम अधूरा है। हालात ये हैं कि अर्से से काम रुका होने से खिड़की दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्लास्टर उखड़ कर गिर रहा है जबकि रंग रोगन पूरी तरह से खराब हो चुका है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का तर्क है कि 225 लाख रुपये शासन से अवमुक्त नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह से बचे आवासों का काम पूरा नहीं कराया जा पा रहा है। जानकारों का कहना है कि सरकार की ओर से ज्यादातर धनराशि दी जा चुकी है। संस्था की ओर से आवासों को पूरा कराने में लापरवाही की गई। इसकी वजह से जरूरतमंदों को आवास आवंटित नहीं हो पा रहे हैं। समय बीतने के साथ अधूरे आवास खंडहर हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


.......................
वर्जन............
शासन से 225 लाख रुपये मिलने शेष हैं। इसके लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। प्रदेश में कई जिलों में आसरा कॉलोनी का शेष बजट मिलना है। धनराशि के अभाव में अधूरे आवासों को पूरा कराना मुश्किल हो रहा है। - अमित सचदेवा, सहायक अभियंता सीएनडीएस
.......................

आवास आवंटन की उम्मीद लगाए 234 परिवार
डूडा कार्यालय में आवास की आस में 234 आवेदन लंबित हैं। इसमें 54 ऐसे आवेदक हैं जो जांच में पात्र पाए जा चुके हैं। आसरा कॉलोनी में आवास अधूरे होने की वजह से इनका आवंटन अटका है। किराये पर रहकर गुजारा कर रहीं सुमन व रेखा ने बताया कि आसरा कॉलोनी में आवास रिक्त हैं। आवंटन के लिए आवेदन किया है लेकिन दौड़भाग के बाद भी कुछ हो नहीं रहा है। अधिकारी आवास अधूरे होने की बात कह टरका रहे हैं।


.................
जल निकासी न होने से भरता गंदा पानी

आसरा कॉलोनी में गंदा पानी निकासी अवरुद्ध है। हालात ये हैं कि परिसर में ही घरों के सामने गंदा पानी एकत्र होता है। जलभराव से उठने वाली सड़ांध से यहां रहने वाले लोग परेशान रहते हैं। वहीं मच्छर पनपते हैं। कॉलोनी में रहने वाले संतोष, रामकुमार आदि ने बताया कि सुरक्षा बाउंड्रीवाल नहीं है। रास्ते भी कच्चे हैं। बारिश होने पर कीचड़ हो जाता है। मुख्य रास्ते पर जलभराव से होकर आवाजाही की मजबूरी होती है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई गई लेकिन समस्या जस की तस है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed