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लापरवाही: सीएमओ ने बताया कंट्रोल रूम का नंबर, प्रमुख सचिव ने फोन मिलाया तो बंद मिला
Sun, 05 Sep 2021 10:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 05 Sep 2021 10:14 AM IST
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हैलट में संक्रमण विभाग
- फोटो : amar ujala
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कानपुर में संक्रमक रोगों के बेकाबू होने पर समीक्षा के लिए शहर पहुंचे प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के निशाने पर सीएमओ ही रहे। उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाया और पूछा कि स्थिति बिगड़ने का इंतजार क्यों किया गया। मंडलीय अस्पताल उर्सला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू की जांचों की व्यवस्था क्यों नहीं कराई गई। इस पर सीएमओ कोई जवाब नहीं दे सके।
प्रमुख सचिव ने फिर पूछा कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कोई कंट्रोल रूम बना कि नहीं। इस पर सीएमओ ने बताया कि कोरोना के दौर में स्मार्ट सिटी कार्यालय में बना कंट्रोल रूम को ही संक्रामक रोगों के कंट्रोल रूम में बदल दिया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने नंबर पूछा और फोन मिला दिया।
कंट्रोल रूम का नंबर बंद मिला। इस पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे में कंट्रोल रूम बन जाना चाहिए। इसके बाद कहाकि पिछले तीन वर्षों में जहां पर डेंगू व मलेरिया के मरीज अधिक मिले हैं, वहां विशेष रुप से निगरानी की जाए।
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प्रमुख सचिव ने फिर पूछा कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कोई कंट्रोल रूम बना कि नहीं। इस पर सीएमओ ने बताया कि कोरोना के दौर में स्मार्ट सिटी कार्यालय में बना कंट्रोल रूम को ही संक्रामक रोगों के कंट्रोल रूम में बदल दिया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने नंबर पूछा और फोन मिला दिया।
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कंट्रोल रूम का नंबर बंद मिला। इस पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे में कंट्रोल रूम बन जाना चाहिए। इसके बाद कहाकि पिछले तीन वर्षों में जहां पर डेंगू व मलेरिया के मरीज अधिक मिले हैं, वहां विशेष रुप से निगरानी की जाए।
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जहां नए मरीज मिलें वहां स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व पंचायती राज विभाग की टीमें पहुंचे और सुनिश्चित कराएं कि किसी के घर में पानी का जमाव न हो। कूड़े कचरे और गंदगी के ढेर न लगें। अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाई, एंबुलेंस व बेड की उपलब्धता आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने बताया कि वे चार दिन जिले में हैं। हर एक गतिविधि पर नजर रखेंगे।
सीएमओ नहीं तय कर पाए रेट, पैथोलॉजी पर छोड़ा
प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के कहने पर भी सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह निजी पैथोलॉजी के रेट तय नहीं कर पाए। हालांकि उन्होंने चेतावनी जरूर दी है कि कोई निजी पैथोलॉजी डेंगू की जांच की अधिक फीस वसूली न करे। जो पहले से रेट तय हैं, उतने ही पैसे लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि पैथोलॉजियां जांच के रेट तय कर लें, यह न रहे कि कोई छह सौ रुपये ले रहा है और कोई 1200 रुपये। पहले वाले ही रेट रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ नहीं तय कर पाए रेट, पैथोलॉजी पर छोड़ा
प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के कहने पर भी सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह निजी पैथोलॉजी के रेट तय नहीं कर पाए। हालांकि उन्होंने चेतावनी जरूर दी है कि कोई निजी पैथोलॉजी डेंगू की जांच की अधिक फीस वसूली न करे। जो पहले से रेट तय हैं, उतने ही पैसे लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि पैथोलॉजियां जांच के रेट तय कर लें, यह न रहे कि कोई छह सौ रुपये ले रहा है और कोई 1200 रुपये। पहले वाले ही रेट रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।