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Kanpur News: नियमों की अनदेखी व डीएम के निर्देश न मानने पर सीएमओ से जवाब तलब
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मुख्य चिकित्साधिकारी हरिदत्त नेमी
- फोटो : मुख्य चिकित्साधिकारी हरिदत्त नेमी
कानपुर। नियमों की अनदेखी, 10 दिनों में चिकित्सकों का नौ बार स्थानांतरण करना और जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन न करना मुख्य चिकित्साधिकारी हरिदत्त नेमी के गले की फांस बन गया है।
स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। इस पर विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह ने सीएमओ को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।
जिलाधिकारी की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में बताया गया कि सीएमओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों का विज्ञापन स्वास्थ्य मिशन की वेबसाइट पर नहीं निकलवाया।
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आयुष परीक्षा के सापेक्ष लिए गए साक्षात्कारों का परिणाम चार दिन के भीतर जिला स्वास्थ्य समिति तथा सीडीओ के समक्ष प्रस्तुत करना था, काफी समय बाद भी इसकी चयन सूची नहीं प्रस्तुत की गई। इससे यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं, सीएमओ ने वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. वंदना सिंह को उनके कार्य से हटाकर गैर वित्त सेवा के अधिकारी को कार्य सौंप दिया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरएन सिंह के साथ अन्य डॉक्टरों का 10 दिन के भीतर नौ बार स्थानांतरण किया गया। यही नहीं जिले में संचालित सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान कई कर्मी अनुपस्थित मिले थे।
वहीं, चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही मिलने पर सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी उन्होंने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इस पर विशेष सचिव ने सभी मामलों में लापरवाही मिलने और शासकीय कर्तव्यों का सही तरह से पालन न करने पर सीएमओ से जवाब तलब किया है।
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स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा था। इस पर विशेष सचिव अनिल कुमार सिंह ने सीएमओ को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।
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जिलाधिकारी की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में बताया गया कि सीएमओ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों का विज्ञापन स्वास्थ्य मिशन की वेबसाइट पर नहीं निकलवाया।
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आयुष परीक्षा के सापेक्ष लिए गए साक्षात्कारों का परिणाम चार दिन के भीतर जिला स्वास्थ्य समिति तथा सीडीओ के समक्ष प्रस्तुत करना था, काफी समय बाद भी इसकी चयन सूची नहीं प्रस्तुत की गई। इससे यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी। वहीं, सीएमओ ने वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. वंदना सिंह को उनके कार्य से हटाकर गैर वित्त सेवा के अधिकारी को कार्य सौंप दिया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरएन सिंह के साथ अन्य डॉक्टरों का 10 दिन के भीतर नौ बार स्थानांतरण किया गया। यही नहीं जिले में संचालित सीएचसी और पीएचसी का निरीक्षण करने के दौरान कई कर्मी अनुपस्थित मिले थे।
वहीं, चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही मिलने पर सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी उन्होंने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इस पर विशेष सचिव ने सभी मामलों में लापरवाही मिलने और शासकीय कर्तव्यों का सही तरह से पालन न करने पर सीएमओ से जवाब तलब किया है।