ग्राम प्रधान ने कहा कुछ ऐसा, CM बोले- आप के यहां कविता में बात कहने का चलन है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसदों और विधायकों को मिलने वाली निधि की निगरानी अधिकारी करते हैं, लेकिन प्रधानों को गांव की जरूरत के हिसाब से योजना बनाने, बजट खर्च करने और निगरानी रखने का भी अधिकार हासिल है। जिले के 280 गांव ग्राम स्वराज अभियान के दूसरे चरण में लिए गए हैं। उन्हाेंने खुले में शौच से मुक्त छह ग्राम पंचायतों के प्रधानों को प्रशस्तिपत्र और शॉल देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के पीछे मंशा है कि उपेक्षित गांवों को विकसित किया जा सके। इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा और खुशहाली दिखेगी। ग्राम पंचायत में छह समितियों के गठन का प्रस्ताव इसलिए किया गया है ताकि हर क्षेत्र का विकास हो सके। कार्यक्रम में पंचायत राज विभाग के निदेशक आकाश दीप, जिलाधिकारी पुलकित खरे, पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र, सीडीओ आनंद कुमार, जिला विकास अधिकारी राजितराम मिश्र भी मौजूद रहे। डीएम ने ग्राम स्वराज योजना का पूरा ब्योरा पेश किया।
ओडीएफ गांव के लिए घिन्नी तुसौरा की निराला देवी, कुंवरपुर की सुमन देवी, भरिगवां की रानी, हेवली की गीता वर्मा, सहिजना के अरुण कुमार सिंह और जलालपुर के राजेश सिंह को सम्मानित किया गया।
ग्राम प्रधानों की ओर से कुंवरपुर की प्रधान सुमन देवी और लोना के प्रधान देवेंद्र सिंह ने अपनी बात रखी। इन प्रधानों को सुबह छह बजे से ही विकास भवन में पाठ पढ़ाया गया था। देवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया।
जब बारी सुमन देवी की आई तो उन्होंने कविता के लहजे में अपने गांव में शौचालय बनवाने और खुले में शौच न जाने की बात कही। इसके बाद जब मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी तो उन्होंने कहा कि आप के यहां कविता में बात कहने का चलन है। मुख्यमंत्री का ये बयान विधायक श्यामप्रकाश की सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई कविता से जोड़कर भी देखा गया।