{"_id":"5dcff4b48ebc3e54ea680d81","slug":"clean-chit-to-both-scientists-trapped-in-isi-agent-s-honeytrap","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंसे दोनों वैज्ञानिकों को क्लीन चिट, बताया कैसे बने थे शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंसे दोनों वैज्ञानिकों को क्लीन चिट, बताया कैसे बने थे शिकार
Sat, 16 Nov 2019 06:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 16 Nov 2019 06:43 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंसे डिफेंस मैटेरियल एंड स्टोर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (डीएमएसआरडीई) के दोनों वैज्ञानिकों को एटीएस ने क्लीन चिट दे दी है। वैज्ञानिकों के खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं। लिहाजा एटीएस की जांच टीम ने एक साल बाद फाइल बंद कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है।
पिछले साल अक्तूबर में नागपुर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ब्रह्मोस यूनिट में कार्यरत निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में डीएमएसआरडीई कानपुर के दो वैज्ञानिकों (एक महिला व एक पुरुष) के भी नाम सामने आए थे। महिला वैज्ञानिक का कुछ दिन पहले रिटायरमेंट हो चुका है।
विज्ञापन
पिछले साल अक्तूबर में नागपुर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ब्रह्मोस यूनिट में कार्यरत निशांत अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ में डीएमएसआरडीई कानपुर के दो वैज्ञानिकों (एक महिला व एक पुरुष) के भी नाम सामने आए थे। महिला वैज्ञानिक का कुछ दिन पहले रिटायरमेंट हो चुका है।
विज्ञापन
आशंका जताई गई थी कि दोनों पाकिस्तान की आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंस गए हैं। मामले की जांच यूपीएटीएस को सौंपी गई थी। एटीएस सूत्रों के मुताबिक वैज्ञानिकों के सोशल मीडिया एकाउंट से लेकर मोबाइल की सीडीआर, लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की गई। जांच में साफ हुआ हो गया है कि ये दोनों आईएसआई एजेंट के हनीट्रैप में फंसते-फंसते बच गए। किसी भी तरह की सूचनाएं आदि नहीं लीक की गईं।
आईएसआई एजेंट ने ऐसे बिछाया था जाल
खुफिया एजेंसी के मुताबिक आईएसआई एजेंट ने काजल व नेहा नाम की फेसबुक आईडी बनाई। दोनों ने इन वैज्ञानिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। वैज्ञानिकों ने उनकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। इसके बाद काजल व नेहा की आईडी से कुछ बातें भी हुईं। एटीएस सूत्रों के मुताबिक इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। जांच में साफ हो गया कि अनजाने में दोनों से वैज्ञानिक जुड़ गए थे।
महिला आईएसआई एजेंट की पहचान
खुफिया सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने पाकिस्तान की उन महिला आईएसआई एजेंट की पहचान की है जो फेसबुक पर अलग-अलग नाम से सक्रिय हैं। एजेंसी के मुताबिक नेहा व काजल नाम से सक्रिय फेसबुक प्रोफाइलों के बारे में पता चला है, जो फेसबुक पर 15 से 20 प्रोफाइल पर अलग-अलग नाम से सक्रिय हैं।
आईएसआई एजेंट ने ऐसे बिछाया था जाल
खुफिया एजेंसी के मुताबिक आईएसआई एजेंट ने काजल व नेहा नाम की फेसबुक आईडी बनाई। दोनों ने इन वैज्ञानिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। वैज्ञानिकों ने उनकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। इसके बाद काजल व नेहा की आईडी से कुछ बातें भी हुईं। एटीएस सूत्रों के मुताबिक इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कोई जानकारी साझा नहीं की गई। जांच में साफ हो गया कि अनजाने में दोनों से वैज्ञानिक जुड़ गए थे।
महिला आईएसआई एजेंट की पहचान
खुफिया सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने पाकिस्तान की उन महिला आईएसआई एजेंट की पहचान की है जो फेसबुक पर अलग-अलग नाम से सक्रिय हैं। एजेंसी के मुताबिक नेहा व काजल नाम से सक्रिय फेसबुक प्रोफाइलों के बारे में पता चला है, जो फेसबुक पर 15 से 20 प्रोफाइल पर अलग-अलग नाम से सक्रिय हैं।