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Kanpur News: कहीं जर्जर भवन में तो कहीं पास में चल रहीं कक्षाएं

Sun, 27 Jul 2025 01:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 27 Jul 2025 01:40 AM IST
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Classes are being held somewhere in a dilapidated building and somewhere nearby
अकोढ़ी प्राथमिक विद्यालय में मैदान में पढ़ाई करते बच्चे। - फोटो : संवाद
कानपुर देहात। जिले के करीब 181 परिषदीय विद्यालयों के भवन बेहद जर्जर हो चुके हैं। किसी की छत टपक रही है तो किसी विद्यालय की दीवारों में दरारें आ गई हैं। विभाग इनमें से अधिकांश विद्यालयों के नीलाम होने का दावा कर रहा है। मगर कई स्कूल अभी ऐसे हैं जहां बच्चे जर्जर भवन के अंदर व उसके पास ही शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।
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तीन से चार दशक पहले बने स्कूल भवन गुणवत्ता, देखरेख व अन्य कई कारणों से जर्जर स्थिति में पहुंच गए। इनमें से कुछ को नीलाम किया जा चुका है, मगर ध्वस्त नहीं कराए जा सके हैं। वहीं कुछ का सर्वे होना बाकी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार बेखबर हैं। यही वजह है कि अभी भी जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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अतिरिक्त कक्ष व नए भवन न होने के कारण कुछ जगह शिक्षकों को जर्जर भवन के बरामदे, जर्जर कक्ष के पास कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। विभागीय सिस्टम से शिक्षक भी बेबस हैं। शिक्षकों का कहना है कि भले ही जर्जर भवन से दूसरे भवन व परिसर में कक्षाएं संचालित की जा रही हो, लेकिन बच्चे खेलते-खेलते उनके पास पहुंच जाते हैं। इससे भी उन्हें खतरा बना हुआ है। वर्षों से इन भवनों की मरम्मत या ध्वस्तीकरण की मांग की जाती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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सीन-1

जर्जर भवन के नीचे पढ़ना है मजबूरी

सरवनखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल चिराना में 178 बच्चें पंजीकृत हैं। यहां पहुंचने पर स्कूल का भवन जर्जर अवस्था में दिखा। एक कक्षा की छत की परत टूटकर गिरी मिली, सरिया भी बाहर दिखाई दे रही थीं। उसी के नीचे 115 बच्चे पढ़ाई करते नजर आए। प्रभारी प्रधानाध्यापक ममता साहू ने भवन जर्जर होने की जानकारी दी गई है। बताया कि बीईओ ने निरीक्षण कर दूसरे स्कूल में विलय किए जाने की बात कही है।

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सीन-2

स्कूल हुआ जर्जर, खुला आसमान बनी कक्षा

मलासा ब्लॉक के पुखरायां में अकोढ़ी गांव में संचालित प्राथमिक विद्यालय में 106 बच्चे पंजीकृत हैं। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। यहां पहुंचने पर शिक्षक बच्चों को खुले मैदान में पढ़ाती नजर आईं। प्रधानाध्यापक महिमा दोहरे ने बताया कि जब बारिश होती है, तो बच्चों को बरामदे में पढ़ाना पड़ता है। जिसकी छत से पानी टपकता है।

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सीन-3

टपकती है छत, दीवारों में दरारें, बगल में पढ़ते बच्चे

रसूलाबाद ब्लॉक के अटिया रायपुर प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बहुत खराब है। यहां कक्षा की छत से पानी टपकता रहता है। स्कूल में पंजीकृत 104 बच्चों में 94 नए कक्ष में पढ़ाई करते मिले, जो पढ़ाई के बाद खेल-खेल में जर्जर भवन के पास पहुंच जाते हैं। प्रधानाध्यापक राम नरेश कठेरिया ने बताया कि नीलामी में कम बोली लगने के कारण जर्जर भवन ध्वस्त नहीं किया जा सका।

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सीन-4

स्कूल भवन जर्जर, अतिरिक्त कक्ष में चलती क्लास

राजपुर ब्लॉक के पैलावर प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर हैं। यहां पंजीकृत 51 बच्चे अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाई करते मिले। प्रधानाध्यपक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि भवन जर्जर होने की वजह से बाहर बने अतिरिक्त कक्ष में बच्चों को पढ़ाना पड़ता है। जो बच्चे कक्षा में नहीं आ पाते हैं, उन्हें बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है। भवन की निलामी प्रक्रिया चल रही है।


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वर्जन-

सभी जर्जर विद्यालयों का मूल्यांकन कर निलामी की गई है। जिन विद्यालयों का ध्वस्तीकरण बाकी है, उन्हें जल्द ही गिरवाकर मलवा हटवाया जाएगा। साथ ही सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि बच्चों को जर्जर भवन में न पढ़ाया जाए। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए, कानपुर देहात

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जर्जर हो चुके स्कूलों की स्थिति पर एक नजर

ब्लॉक- स्कूल- वर्तमान स्थिति

अकबरपुर-25- 25 की नीलामी हो चुकी

अमरौधा-37- 21 की नीलामी हो चुकी

झींझक-6- नीलामी कर नए भवन निर्मित

सरवनखेडा- 34- 33 की निलामी, 1 प्रक्रिया में
मलासा- 21- नीलामी प्रक्रिया में

राजपुर-10- 10 की नीलामी हो चुकी

रसूलाबाद-27- 26 की नीलामी, 1 प्रक्रिया में

संदलपुर-21- 10 की नीलामी, 11 का सर्वे बाकी

डेरापुर-17- 8 की नीलामी, 9 का सर्वे बाकी
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