Kanpur: 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं सर्किल रेट, DM को सौंपी रिपोर्ट…नए क्षेत्रों में महंगी होंगी जमीनें
Kanpur News: स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग ने नए विकसित हो रहे क्षेत्रों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की है। जिन क्षेत्रों में जमीनों की ज्यादा खरीद-फरोख्त हो रही है, उन्हें रिपोर्ट का आधार बनाया गया है। इसके मुताबिक नए विकसित क्षेत्रों में 15 से 30 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाए जा सकते हैं।
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विस्तार
कानपुर में अगस्त से जमीनों का सर्किल रेट 15 से 30 फीसदी बढ़ाने की तैयारी है। बुधवार को तहसील, स्टांप, निबंधन विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को सर्वे रिपोर्ट सौंप दी है। अगले सप्ताह जमीनों के सर्किल रेट तय कर लोगों से आपत्ति मांगी जाएंगी। अब टीम अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से दर निर्धारित करेगी। रेट बढ़ने के बाद लोगों को रजिस्ट्री के दौरान ज्यादा स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी।
सर्किल रेट बढ़ने के साथ ही राजस्व कलेक्शन भी बढ़ता है। जिले में नौ वर्ष बाद फिर से सर्किल रेट बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले 2015 में सर्किल रेट बढ़ाया गया था, तब से अब तक शहर के कई स्थानों में सर्किट रेट और बाजार मूल्य में भारी अंतर आ चुका है। सर्किल रेट का नया सत्र एक अगस्त से शुरू होता है।
नए विकसित क्षेत्रों में जमीनें होंगी महंगी
स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग ने नए विकसित हो रहे क्षेत्रों का सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की है। जिन क्षेत्रों में जमीनों की ज्यादा खरीद-फरोख्त हो रही है, उन्हें रिपोर्ट का आधार बनाया गया है। इसके मुताबिक शताब्दीनगर, चकेरी, पनकी, महाबलीपुरम, सिंहपुर, बिठूर, मैनावती मार्ग जैसे क्षेत्रों में 15 से 30 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाए जा सकते हैं।
10 से 20 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है सर्किल रेट
रेट बढ़ने के बाद लोगों को जमीन खरीदने के दौरान ज्यादा स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। वहीं, आर्यनगर, तिलकनगर, पांडुनगर, काकादेव, साकेतनगर, सिविल लाइंस, लाजपतनगर, सर्वोदयनगर, मालरोड, पीरोड, जनरलगंज, एक्सप्रेस रोड, गोविंदनगर, किदवईनगर जैसे क्षेत्रों में 10 से 20 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाया जा सकता है।
2020 में भी तैयार हुआ था प्रस्ताव
शहर में 2015 में सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। 2020 में इसे बढ़ाने की तैयारी थी लेकिन कोरोना संक्रमण फैल गया। इस बीच जमीनों की वास्तविक कीमतें सर्किल रेट की अपेक्षा कहीं ज्यादा हो गईं।
कृषि भूमि को आवासीय बदलने में नहीं देना होगा एक प्रतिशत न्यायालय शुल्क
अब कृषि भूमि को आवासीय कराने वालों को बड़ी राहत मिली है। अब सर्किल रेट का एक फीसदी न्यायालय शुल्क नहीं देना पड़ेगा। सिर्फ चालान से 50 रुपये ही जमा करने होंगे। अभी तक उद्घोषणा शुल्क के साथ ही न्यायालय शुल्क सर्किल रेट का एक फीसदी भी चुकाना पड़ता था। अब स्टांप के रूप में सर्किल रेट का सिर्फ का एक फीसदी उद्घोषणा शुल्क ही जमा करना होगा। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली 2023 के मुताबिक एक फीसदी न्यायालय शुल्क को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।
टीम ने सर्वे कर अपनी-अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। अब मंगलवार तक रेट तय कर लिए जाएंगे। इसके बाद लोगों से आपत्ति मांगी जाएगी। तत्पश्चात फाइनल रेट की सूची जारी की जाएगी। -श्याम सिंह बिसेन, एआईजी स्टांप
शहर के मुख्य एरिया के वर्तमान सर्किल रेट (प्रति वर्ग मीटर)
जनरलगंज 49600 से 63500
बिरहानारोड 49700 से 63500
मालरोड 49700 से 63600
स्वरूपनगर 52000 से 56000
गोविंदनगर 27900 से 44100
पनकी केडीए कॉलोनी 14700 से 27400
जूही 14200 से 24200
लाजपतनगर 38900 से 46800
साकेतनगर 21000 से 32000
बर्रा 19000 से 28000
सिविल लाइंस 29000 से 33000