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Kanpur News: खानचंद्रपुर व उमरन के 152 में फिर मानक से अधिक मिला क्रोमियम, चार में मर्करी
Sat, 13 Dec 2025 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:33 AM IST
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कानपुर देहात। खानचंद्रपुर व उमरन से 25 नवंबर से 30 नवंबर तक 13 सदस्यीय टीम ने 152 लोगों के रक्त के नमूने लिए थे। इन्हें दो दिसंबर को डॉ. राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जांच के लिए भेजा गया। शुक्रवार शाम को आई जांच रिपोर्ट में सभी 152 में मानक से अधिक क्रोमियम व चार में मर्करी पाया गया है अब अगले चरण की जांच प्रक्रिया 22 दिसंबर से शुरू की जाएगी।
खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप से दूषित हुए भूजल का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका परिणाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई लोगों की रक्त की जांच बयां कर रही है। नवंबर में लिए गए सैंपल में सभी 152 के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया, जबकि इस बार चार में तय मानक से अधिक मर्करी भी निकली है। सीएमओ के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 1.5 माइक्रोग्राम के करीब क्रोमियम होना चाहिए। जांच रिपोर्ट में लोगों में 1.7 माइक्रोग्राम से लेकर सात माइक्रोग्राम तक क्रोमियम पाया गया है।
पहली बार चार लोगों में मानक से अधिक मर्करी पाई गई है। एक स्वस्थ व्यक्ति में 20 माइक्रोग्राम से कम मर्करी होनी चाहिए। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में दो लोगों में 21 माइक्रोग्राम, एक में 26 माइक्रोग्राम व एक व्यक्ति में 34 माइक्रोग्राम मर्करी पाई गई है। मगर अभी तक किसी भी व्यक्ति में क्रोमियम या मर्करी से होने वाले दुष्प्रभाव के लक्षण नहीं मिले हैं। वहीं, अक्तूबर माह में 102 की जांच हुई थी। जिसमें सभी के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। उनमें भी किसी भी तरह के लक्षण नहीं मिले थे।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गांव के लोग स्वस्थ हैं। टीम को अभी तक कोई गंभीर रूप से बीमार व अन्य लक्षणों के मरीज नहीं मिले हैं। बता दें कि एनजीटी की सख्ती के बाद वर्ष 2019 में पहली बार 40 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट आने में ही कई साल बीत गए। नवंबर 2023 में आई रिपोर्ट में 20 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम मिला था। एनजीटी की ओर से निर्देश मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच करा रहा है।
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बयान...
खानचंद्रपुर व उमरन में स्वास्थ्य टीम शिविर लगाकर लोगों का समय-समय पर परीक्षण कर रही है। दो दिसंबर को 152 लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें से सभी में आंशिक क्रोमियम व चार में आंशिक मर्करी की मात्रा बढ़ी मिली है। 22 दिसंबर को अगले चरण की जांच के लिए टीम नमूने लेगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की एसओपी का इंतजार
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर पिछले माह दिल्ली एम्स की टीम ने कानपुर नगर में निरीक्षण किया था। इसमें जिले से नोडल डॉ. आशीष वाजपेयी ने बैठक में प्रतिभाग कर खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों की स्वास्थ्य रिपोर्ट साझा की थी। एनजीटी के निर्देश के अनुसार खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों का दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी के आधार पर इलाज किया जाएगा। दिल्ली एम्स से एसओपी आने का इंतजार है। फिलहाल दोनों गांव में प्रतिमाह आठ स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वासथ्य की निगरानी की जा रही है।
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95 हजार एमटी डंप था क्रोमियम कचरा
खानचंद्रपुर मटियामऊ रोड पर करीब 95 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम डंप था। एनजीटी की सख्ती दिखाने के बाद कुंभी स्थित रैमिकी कंपनी को 89, 500 मीट्रिक टन व भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को 5500 मीट्रिक टन क्रोमियम उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों कंपनियों ने अपने तय लक्ष्य के सापेक्ष क्रोमियम की उठान करवा ली है। डंप स्थल पर कुछ मिट्टी में मिश्रित क्रोमियम पड़ा हुआ है। इसके भी निस्तारण की तैयारी चल रही है।
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खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप से दूषित हुए भूजल का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका परिणाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई लोगों की रक्त की जांच बयां कर रही है। नवंबर में लिए गए सैंपल में सभी 152 के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया, जबकि इस बार चार में तय मानक से अधिक मर्करी भी निकली है। सीएमओ के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 1.5 माइक्रोग्राम के करीब क्रोमियम होना चाहिए। जांच रिपोर्ट में लोगों में 1.7 माइक्रोग्राम से लेकर सात माइक्रोग्राम तक क्रोमियम पाया गया है।
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पहली बार चार लोगों में मानक से अधिक मर्करी पाई गई है। एक स्वस्थ व्यक्ति में 20 माइक्रोग्राम से कम मर्करी होनी चाहिए। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में दो लोगों में 21 माइक्रोग्राम, एक में 26 माइक्रोग्राम व एक व्यक्ति में 34 माइक्रोग्राम मर्करी पाई गई है। मगर अभी तक किसी भी व्यक्ति में क्रोमियम या मर्करी से होने वाले दुष्प्रभाव के लक्षण नहीं मिले हैं। वहीं, अक्तूबर माह में 102 की जांच हुई थी। जिसमें सभी के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम पाया गया था। उनमें भी किसी भी तरह के लक्षण नहीं मिले थे।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गांव के लोग स्वस्थ हैं। टीम को अभी तक कोई गंभीर रूप से बीमार व अन्य लक्षणों के मरीज नहीं मिले हैं। बता दें कि एनजीटी की सख्ती के बाद वर्ष 2019 में पहली बार 40 लोगों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट आने में ही कई साल बीत गए। नवंबर 2023 में आई रिपोर्ट में 20 लोगों में मानक से अधिक क्रोमियम मिला था। एनजीटी की ओर से निर्देश मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग लगातार जांच करा रहा है।
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बयान...
खानचंद्रपुर व उमरन में स्वास्थ्य टीम शिविर लगाकर लोगों का समय-समय पर परीक्षण कर रही है। दो दिसंबर को 152 लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इसमें से सभी में आंशिक क्रोमियम व चार में आंशिक मर्करी की मात्रा बढ़ी मिली है। 22 दिसंबर को अगले चरण की जांच के लिए टीम नमूने लेगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की एसओपी का इंतजार
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर पिछले माह दिल्ली एम्स की टीम ने कानपुर नगर में निरीक्षण किया था। इसमें जिले से नोडल डॉ. आशीष वाजपेयी ने बैठक में प्रतिभाग कर खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों की स्वास्थ्य रिपोर्ट साझा की थी। एनजीटी के निर्देश के अनुसार खानचंद्रपुर व उमरन के लोगों का दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी के आधार पर इलाज किया जाएगा। दिल्ली एम्स से एसओपी आने का इंतजार है। फिलहाल दोनों गांव में प्रतिमाह आठ स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों के स्वासथ्य की निगरानी की जा रही है।
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95 हजार एमटी डंप था क्रोमियम कचरा
खानचंद्रपुर मटियामऊ रोड पर करीब 95 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम डंप था। एनजीटी की सख्ती दिखाने के बाद कुंभी स्थित रैमिकी कंपनी को 89, 500 मीट्रिक टन व भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को 5500 मीट्रिक टन क्रोमियम उठाने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों कंपनियों ने अपने तय लक्ष्य के सापेक्ष क्रोमियम की उठान करवा ली है। डंप स्थल पर कुछ मिट्टी में मिश्रित क्रोमियम पड़ा हुआ है। इसके भी निस्तारण की तैयारी चल रही है।