Chitrakoot: हत्या में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास, युवक के शरीर के टुकडे़ कर बोरे में भरकर फेंका था शव
चित्रकूट जिले में हत्या के मामले में आरोपी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 12-12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रेम-प्रसंग के चलते गांव के युवक की बेरहमी से हत्या करने और शव को बोरे में भरकर नाले में फेंकने के मामले में जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने हत्यारोपी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मानिकपुर क्षेत्र के सरैंया गांव का यह मामला नौ वर्ष पुराना है। दोनों पर 12-12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 3 अगस्त 2013 को मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी राजाराम (22) पुत्र देवराज रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। परिजनों द्वारा लगातार ढूंढे जाने पर दो दिन बाद 5 अगस्त को राजाराम का शव गांव के बाहर नाले के पास रात आठ बजे मिला था। शव बोरे में बंद था। इसके कई टुकड़े कर बोरे में भरा गया था। मृतक के बड़े भाई चुनकावन ने गांव के ही रज्जू और विश्वकर्मा के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वादी के अनुसार उसका भाई अविवाहित था और उसका एक विवाहित महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात को लेकर गांव का ही रज्जू कई बार उसे जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। साथ ही घटना के बाद से ही रज्जू और उसका भाई विश्वकर्मा परिवार समेत घर से गायब हो गए थे। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद रज्जू और विश्वकर्मा के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने दोनों सगे भाई रज्जू और विश्वकर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 12 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। दोनों आरोपी जेल जाने के बाद जमानत पर छूटे थे। सजा के बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।