फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   chitrakoot crime

तीन दिन से महंत की कर रहे थे रेकी

Sat, 18 Jan 2020 01:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 01:00 AM IST
विज्ञापन
chitrakoot crime
फोटो- 9-चित्रकूट बालाजी मंदिर के महंत अर्जुनदास की हत्या व उनके चालक के घायल होने की जानकारी के बाद - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। बालाजी मंदिर के महंत अर्जुन दास की हत्या से पहले बदमाशों ने तीन दिन तक उनकी रेकी की, फिर बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे घटना को अंजाम दिया। घटना वाले दिन सुबह से उनकी गाड़ी का कई बार बदमाशों ने पीछा किया था। उधर, पुलिस ने महंत के शिष्य की तहरीर पर तीन नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा भी है, जिनसे चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार और एसपी अंकित मित्तल ने तीन घंटे से ज्यादा समय तक सदर कोतवाली में पूछताछ की। वहीं शुक्रवार को पुलिस की चार टीमें बदमाशों की गिरफ्तारी को लखनऊ, कौशांबी, मध्यप्रदेश के छतरपुर और सतना भेजी गई हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में मंदिर की महंती, संस्कृत स्कूल और संपत्ति का विवाद हत्या की वजह निकल कर आ रही है।
विज्ञापन

सदर कोतवाली क्षेत्र के बालाजी मंदिर के महंत कौशांबी निवासी अर्जुन दास की बृहस्पतिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोलीबारी में महंत का कार चालक और शिष्य आशीष दास घायल हो गए थे, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। आशीष दास की तहरीर पर पुलिस ने बहराइच के आलोक पांडेय, कौशांबी के गोकुलपुर गांव निवासी मंगलदास, राजू मिश्रा और दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने रात में ही आलोक पांडेय और मंगल दास को लखनऊ से दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि मंगल दास व महंत अर्जुन दास के बीच कब्जे को लेकर विवाद भी हो चुका है।
विज्ञापन

मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उधर, मुख्य आरोपी मंगल दास और आलोक पांडेय से पुलिस ने सदर कोतवाली में पूछताछ शुरू की। शुक्रवार को सदर कोतवाली पहुंचे डीआईजी और एसपी ने दोनों से पूछताछ कर हत्याकांड की कड़ियों को मिलाने की कोशिश की। एसपी ने मित्तल ने बताया कि मंदिर की संपत्ति और महंती का विवाद सामने आया है। जल्द ही अन्य बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। उधर, पोस्टमार्टम के बाद महंत के शव को उनके परिजन कौशांबी ले गए, जहां शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बदमाशों के मध्यप्रदेश भागने की आशंका---
अक्सर बदमाश यहां यूपी और एमपी सीमा का फायदा उठाते रहे हैं। महंत हत्याकांड में भी माना जा रहा कि बदमाश रामघाट के पास छोटे पुल के रास्ते से मप्र नयागांव इलाके में पहुंचकर फरार हो गए होंगे। लोगोें का कहना है कि तीन दिन से कई संदिग्ध युवक मंदिर व उसके पीछे मंदाकिनी नदी व रामघाट के मार्ग पर बाइक और पैदल भी देखे जा रहे थे। वारदात वाले दिन बदमाशों को पता था कि महंत कार से मंदिर नहीं आएंगे, क्योंकि रास्ता संकरा है।

बवाल की आशंका को देख रात में कराया पोस्टमार्टम
पुलिस ने साधु-संतों के आक्रोश से बचने के लिए रात में ही पोस्टमार्टम कराया। सीएमएस डॉक्टर आरके गुप्ता ने बताया कि तीन डाक्टरों डा. मृदुल तिवारी, डा. अनुज कुमार और डा. अमित सिंह के पैनल में पोस्टमार्टम किया। इसके बाद उनके शव को पुलिस ने कौशांबी भिजवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed