Cyber Fraud: चीनी ठगों का टेलीग्राम पर है ग्रुप, दूसरे देशों का आईपी एड्रेस, ग्रुप खंगालने पर हुआ बड़ा खुलासा
क्राइम ब्रांच ने तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें चीन का कनेक्शन सामने आया था। आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जिसको खंगालने पर बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच द्वारा खाते फ्रीज कराए गए हैं।
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निवेश, गेमिंग और लोन देने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले चीन के गिरोह के बारे में क्राइम ब्रांच की जांच में एक नया तथ्य सामने आया है। चीनी ठग टेलीग्राम के जरिये भारत में अपने सदस्यों के साथ जुड़े हुए हैं। टेलीग्राम ग्रुप पर ही वह आपस में बातचीत करते थे। जिन आईडी का इसमें इस्तेमाल करते थे वह फेक हैं। आईपी एड्रेस भी अलग-अलग देशों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए ट्रेस करना बेहद मुश्किल होता है।
सिविल लाइंस निवासी फैज रहमान ने ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये 11 लाख रुपये का निवेश किया था। रकम ट्रांसफर करने के बाद वेबसाइट क्रैश हो गई थी। क्राइम ब्रांच ने जांच की और एक महीने पहले चार आरोपियों को जेल भेजा था। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने गिरोह के तीन और सदस्य यश, अनुपम द्विवेदी और श्रवण यादव को गिरफ्तार किया था।
खुलासा किया था कि आरोपी चीनी ठगों के गिरोह के सदस्य हैं। गिरोह निवेश, ऑनलाइन गेमिंग और लोन देने का झांसा देकर ठगी को अंजाम देता है। जांच आगे बढ़ी और टीम ने इन आरोपियों के मोबाइल खंगाले। जिसमें एक टेलीग्राम ग्रुप मिला। ग्रुप में ही ठगी करने संबंधी पूरी बातचीत आरोपी करते थे। चीन में बैठे मास्टर माइंड उनको निर्देश देते थे।
तीन चीनी ठगों के बारे में मिली जानकारी
अभी तक बी बोज नाम के चीनी ठग का नाम सामने आया था। जानकारी के मुताबिक अब तीन और चीनी ठगों के बारे में पता चला है। क्राइम ब्रांच ने उनका नाम आदि भी पता कर लिया है। यह सभी गिरोह को संचालित करते हैं। गिरोह पूरे भारत में सक्रिय है। इसलिए इसमें चीनी ठगों व मास्टरमाइंड की संख्या अधिक है। आशंका है कि टेलीग्राम ग्रुप में कई और चीनी ठग जुड़े हुए होंगे।
खाते कराए फ्रीज, जुटाया ब्योरा
जेल भेजे गए आरोपियों के बैंक खातों का पूरा ब्योरा क्राइम ब्रांच ने जुटाया है। किसी भी खाते में बड़ी रकम नहीं है, क्योंकि ठगी को अंजाम देने के बाद रकम को क्रिप्टो करेंसी में एक्सचेंज कर चीन भेज दी जाती है। फिर भी इन खातों को फ्रीज कराया गया है।