मजदूरी न मिलती तो बच्चों को रखना पड़ता था भूखा
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हमीरपुर के राठ कोतवाली में बुधवार को सूदखोर मलखान से तंग आकर एक रिक्शा चालक मजदूर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। संतोष की पत्नी चुन्नी देवी ने बताया कि पति ने पुत्रियों के विवाह के लिए पिछले वर्ष मुगलपुरा मोहल्ला निवासी मलखान यादव से 60 हजार रुपये कर्ज लिया था। पति ने मेहनत कर थोड़ा-थोड़ा कर ब्याज समेत एक लाख रुपये उसे लौटा दिए थे। इसके बावजूद सूदखोर तकादा करता रहता था। आरोप लगाया कि 24 जुलाई को मलखान यादव ने कब्जा करने की नीयत से कुछ घरेलू सामान उसके मकान में रख दिया और पति को मकान खाली करने की धमकी दी।
यह भी आरोप लगाया कि कि दबंग ने 25 जुलाई को उसके घर में घुसकर पति से मारपीट भी की। बताया कि जब पति बच्चों सहित सूदखोर के पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाया तब वह मकान खाली करने की बात कहते हुए वहां से चला गया। महिला का कहना है कि सूदखोर द्वारा पूरे परिवार का अपमान पति बर्दाश्त नहीं कर सका। इसी कारण उसने फांसी लगा ली। पत्नी ने यह भी बताया कि सूदखोर ने कर्ज के चलते उसका मकान एक साल पहले जबरन लिखवा लिया था। इसकी जानकारी उसे चार दिन पहले हुई थी।
संतोष के आत्महत्या करने के बाद मलखान फरार हो गया था। पत्नी चुन्नी देवी ने मलखान के खिलाफ धारा 306 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार की रात पुलिस ने मलखान की गिरफ्तारी के लिए घर में छापा मारा था। परंतु वह फरार हो गया था।
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