{"_id":"5be6fd96bdec2269a7716f38","slug":"chhath-puja-from-today-starting-with-nahaye-khaye","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"छठ पूजा 2018: छठ व्रत आज से, नहाय खाय से शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छठ पूजा 2018: छठ व्रत आज से, नहाय खाय से शुरुआत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:13 AM IST
सार
- कल खरना, 13 को अस्त होते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
- 14 को उदय होते सूर्य को अर्घ्य से होगा पूजा का समापन
विज्ञापन
कल खरना, 13 को अस्त होते सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संतान के कष्टों को दूर करने के लिए रहा जाने वाला छठ व्रत आज से शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होगी। सोमवार को खरना होगा। 13 नवंबर को अस्ताचलगामी और 14 नवंबर को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन का समापन होगा।
विज्ञापन
14 को उदय होते सूर्य को अर्घ्य से होगा पूजा का समापन
आचार्य अजय गौड़ ने बताया कि सूर्य संहिता के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी को छठ व्रत पर्व के रूप में मनाया जाता है। पूर्वांचल और बिहार क्षेत्र में इस व्रत को लेकर बड़ी मान्यता है। छठ व्रत को द्वापर युग में द्रौपदी, कर्ण और भीष्म पितामह ने भी किया था। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नहाने के बाद गीले वस्त्रों से संतान को पोछा जाता है ताकि भगवान सूर्य बच्चे को दीर्घायु होने का आशीर्वाद दें। यह व्रत करने वाले को चर्म रोग और आंख संबंधी विकार से मुक्ति मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छठ पूजा
आचार्य गौरव शुक्ला ने बताया कि व्रत की शुरुआत 11 नवंबर को नहाय खाय से होगी। इस दिन महिलाएं खीर पूरी खाकर व्रत की शुरुआत करेंगी। मान्यता है कि ऐसा करने पर मां पुत्र पर आने वाले संकट को स्वयं हर लेती हैं। शाम को छठ मइया के पूजन की तैयारी होती है। 12 नवंबर को खरना या छोटी छठ पर लौका भात का प्रसाद ग्रहण किया जाएगा। माताएं ठेकुआ (गेहूं की रोटी की तरह) बनाना शुरू करेंगी। 13 नवंबर को डाला छठ के मौके पर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। पूरी रात महिलाएं परिवार के साथ घाट किनारे रहेंगी। 14 नवंबर को उदय होते सूर्य को गाय के कच्चे दूध से अर्घ्य देकर संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाएगी।
छठ पूजा
घाटों पर लहराएंगी 501 छठ ध्वजाएं
इस बार अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा की ओर से छठ पूजा पर घाटों पर 501 सूर्य भगवान की ध्वजा लहराएंगी। इसका नाम छठ ध्वजा रखा गया है। यह जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह गहमरी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिवाजी नगर, काकादेव छपेड़ा पुलिया, काकादेव एम ब्लॉक नहर, मसवानपुर नहर घाटों पर शनिवार को सफाई कराई गई है। सीटीआई नहर में भी सफाई चालू हो गई है। यदि घाटों पर सफाई न मिले तो भोजपुरी हेल्पलाइन 9839107878 या 9450137878 पर संपर्क करें। मौके पर तुरंत भोजपुरी सेना पहुंचेगी।
इस बार अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा की ओर से छठ पूजा पर घाटों पर 501 सूर्य भगवान की ध्वजा लहराएंगी। इसका नाम छठ ध्वजा रखा गया है। यह जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह गहमरी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिवाजी नगर, काकादेव छपेड़ा पुलिया, काकादेव एम ब्लॉक नहर, मसवानपुर नहर घाटों पर शनिवार को सफाई कराई गई है। सीटीआई नहर में भी सफाई चालू हो गई है। यदि घाटों पर सफाई न मिले तो भोजपुरी हेल्पलाइन 9839107878 या 9450137878 पर संपर्क करें। मौके पर तुरंत भोजपुरी सेना पहुंचेगी।