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नहाय खाय से शुरू हुआ छठ
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:59 AM IST
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डेमो
छठ व्रत पूजा की शुरुआत शुक्रवार को नहाय खाय से शुरू हुई। इसमें महिलाओं ने सुबह स्नान ध्यान के बाद भगवान सूर्य की पूजा की। इसके बाद लौकी और चने की दाल का भोजन सुबह और शाम किया। उधर, शनिवार को खरना की शुरुआत होगी। इसमें पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को खीर रोटी खाकर निर्जल व्रत शुरू किया जो रविवार को अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूरा होगा। सोमवार को सूर्योदय के समय सूर्य को गाय के कच्चे दूध का अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा होता है।
भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ से पहले पंचमी को खरना होता है। खरना में ढेकुआ आदि के भोजन बनाया जाता है। छठ पर्व मनाने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार पूजन करते हैं। कहीं न कहीं एक ही ध्येय होता है कि भगवान सूर्य को कैसे प्रसन्न किया जाए। पंचमी को ही महिलाएं छठ घाटों पर जाकर अपनी पूजा का स्थान तय करती हैं। अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष गहमरी की ओर से छठ घाटों पर शास्त्री नगर, अर्मापुर, रतनपुर, बर्रा में सोमवार तड़के गाय का दूध निशुल्क वितरित किया जाएगा।
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भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए छठ से पहले पंचमी को खरना होता है। खरना में ढेकुआ आदि के भोजन बनाया जाता है। छठ पर्व मनाने वाले लोग अपनी परंपरा के अनुसार पूजन करते हैं। कहीं न कहीं एक ही ध्येय होता है कि भगवान सूर्य को कैसे प्रसन्न किया जाए। पंचमी को ही महिलाएं छठ घाटों पर जाकर अपनी पूजा का स्थान तय करती हैं। अखिल भारतीय भोजपुरी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष गहमरी की ओर से छठ घाटों पर शास्त्री नगर, अर्मापुर, रतनपुर, बर्रा में सोमवार तड़के गाय का दूध निशुल्क वितरित किया जाएगा।
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