फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   cheating of the csjm university exam

ये है कानपुर यूनिवर्सिटी यहां सब चलता है

Wed, 11 Mar 2015 03:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Wed, 11 Mar 2015 03:05 AM IST
विज्ञापन
cheating of the csjm university exam
सीएसजेएमयू के रेग्युलर एग्जाम 2014-15 में सामूहिक नकल के तमाम साक्ष्य मिले हैं, फिर भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। यूनिवर्सिटी का तर्क है कि पूरा मामला एग्जाम के बाद देेखा जाएगा। इसी का फायदा नकल माफिया और नकलची उठा रहे हैं।
विज्ञापन


इमला की तरह बोलकर सामूहिक नकल करा रहे हैं। सबको भरोसा है कि हर बार की तरह इस बार भी ‘स्टूडेंट हितों’ की आड़ में माफी मिल जाएगी। इसके तमाम उदाहरण भी हैं, जिसमें कि सामूहिक नकल के आरोपों से घिरे तमाम कॉलेजों को छोड़ा जा चुका है।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी के रेग्युलर एग्जाम 2 मार्च से चल रहे हैं। बीए फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर और बीए थर्ड ईयर के समाजशास्त्र, हिंदी के पेपर में सामूहिक नकल कराए जाने की रिपोर्ट मिली है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पूरा मामला अनफेयर मींस (यूएफएम) कमेटी के पास भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमेटी की मीटिंग एग्जाम के बाद होती है। इस कारण नकल माफियाओं ने सॉल्वर के सहारे एग्जाम दिलाने का बिजनेस शुरू कर दिया है। दूरदराज के तमाम कॉलेज ऐसे हैं, जो कि वास्तविक परीक्षार्थी की जगह दूसरे से एग्जाम दिला रहे हैं। इसकी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को मिली है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

सूत्रों ने बताया कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए 18 उड़नदस्ते गठित किए गए हैं लेकिन इनका असर बेकार है। उड़नदस्ते कॉपियों का मिलान करके सामूहिक नकल की रिपोर्ट दे रहे हैं। कह रहे हैं कि ज्यादातर कॉपियों में प्रश्नोत्तर का क्रम और मैटर मिल रहा है।

इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे नकल माफिया और नकलचियों के हौसले बुलंद हैं। उन्हें पता है कि एग्जाम के बाद ही कार्रवाई पर अमल होगा। बाद में स्टूडेंट हित की बात कहकर बच निकला जाएगा। यही वजह है कि नकल पर नकेल नहीं लग पा रही है। उड़नदस्ते भी बेबस नजर आ रहे हैं।

राज्यपाल ने नकल विहीन परीक्षा का आदेश दिया है। इस पर अमल किया गया है। कानपुर यूनिवर्सिटी का दायरा 15 जिलों में फैला है, इसलिए जिला और पुलिस प्रशासन से भी मदद मांगी गई है। कौशांबी और लखीमपुर खीरी के डीएम ने नकल रोकने में विशेष दिलचस्पी दिखाई है।


इस बार नकल के जो मामले सामने आएंगे, उसमें प्रभावी कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मूल्यांकन के दौरान कॉपियों पर निगाह रखी जाएगी। जिन कॉपियों के प्रश्नोत्तर का क्रम मिलेगा, उनका मूल्यांकन अलग से कराया जाएगा। नकल की जो भी रिपोर्ट मिली है, उस पर जल्द ही कार्रवाई होगी।

राज बहादुर यादव, परीक्षा नियंत्रक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed