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चौबेपुर हत्याकांड : दो दरोगा और दो सिपाहियों पर रिपोर्ट, 48 घंटे बाद भी सभी 9 आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

Thu, 28 Oct 2021 12:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 28 Oct 2021 12:53 AM IST
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Chaubepur murder case: Report on two daroga and two constables
कानपुर: चौबेपुर में पुलिस का खूनी खेल - फोटो : amar ujala
कानपुर में चौबेपुर थानाक्षेत्र के पनऊपुरवा गांव में पुलिस वालों की मौजूदगी में हुए खूनी खेल के 48 घंटे बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तार नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस ने मंगलवार देर रात दो दरोगा और दो सिपाही समेत 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस-पीएसी तैनात है। पनऊपुरवा में सोमवार रात चुनावी रंजिश में आनंद कुमार कुरील(58) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में आनंद की बहू संदीपा की तहरीर पर उनके पड़ोसी श्रीकृष्ण, बेटे राजन, गोविंद, शोभित, सुधीर, ग्राम प्रधान मनीष, उसके पिता रामकुमार दीक्षित, दरोगा शेर बहादुर व दरोगा गोपीकृष्ण, अज्ञात सिपाही व 4-5 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
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वारदात के अगले दिन भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हैरानी की बात है कि आरोपी चारों पुलिसकर्मी घटनास्थल से लेकर थाने चौकी में घटना के बाद मौजूद रहे लेकिन अब पुलिस अफसर उनको फरार बता रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ का आरोप लगाया है।

सवाल है कि जब परिजनों ने मंगलवार सुबह इन दरोगाओं पर आरोप लगाए थे तो उनको हिरासत में क्यों नहीं लिया गया। उनको फरार होने का मौका क्यों दिया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि आरोपियों का पुलिस साथ दे रही है। खासकर आरोपी पुलिसकर्मियों का। 

एसीपी आउटर को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी करें। टीमें भी गठित की गई हैं। जो भी वारदात में शामिल था उनमें से कोई भी नहीं बचेगा। वह चाहे पुलिसकर्मी ही क्यों न हो। 
भानु भास्कर, एडीजी जोन कानपुर 

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