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फर्रुखाबाद: दरोगा समेत चार पर अपहरण के प्रयास का आरोप, पीड़ित ने कोर्ट की शरण लेकर दायर की अर्जी
Thu, 22 Oct 2020 06:28 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 22 Oct 2020 06:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के फर्रुखाबाद जिले में मोबाइल दुकानदार ने दरोगा समेत चार पर अपहरण के प्रयास का आरोप लगाया है। रिपोर्ट थाने में दर्ज न होने पर पीड़ित ने अदालत की शरण लेकर अर्जी दायर की है।
अमृतपुर कस्बा निवासी प्रांशू अग्निहोत्री ने अमृतपुर थाने में तैनात दरोगा अजय यादव, गांव परतापुर निवासी टिंकू यादव व दो अज्ञात के खिलाफ विशेष अदालत एंटी डकैती में अर्जी दायर की है।
इसमें कहा कि उसकी बस अड्डा के पास मोबाइल की दुकान है। 13 अक्तूबर की शाम वह दुकान बंद करके खड़ा था। तभी आरोपी काले शीशे वाली कार से आए और उसको पकड़ कर गाड़ी में डाल लिया। सभी बात करने लगे की अपहरण करने पर फिरौती अच्छी मिलेगी।
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दरोगा सादे कपड़ों में थे। इसी दौरान उसने भाई रविकांत उर्फ मोनू को फोन मिला दिया। भाई ने दरोगा और अन्य आरोपियों की बात सुन ली। तभी दरोगा ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। अपहरण का मामला परिजनों को पता चल जाने पर दरोगा ने दूसरी जगह ले जा रहे गाड़ी को थाने की ओर मुड़वा दिया।
थाने में उसने थानाध्यक्ष को पूरी घटना बताकर दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज करने को तहरीर दी। एसओ ने दरोगा को बचाने के लिए तहरीर बदलवा दी। दूसरी तहरीर टिंकू यादव व तीन अन्य के खिलाफ मारपीट की लिखवा कर ली।
14 अक्तूबर को एसपी से शिकायत पर भी दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलील पर न्यायाधीश ने अमृतपुर थाने से रिपोर्ट दर्ज है या नहीं, की जानकारी मांगी है।
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अमृतपुर कस्बा निवासी प्रांशू अग्निहोत्री ने अमृतपुर थाने में तैनात दरोगा अजय यादव, गांव परतापुर निवासी टिंकू यादव व दो अज्ञात के खिलाफ विशेष अदालत एंटी डकैती में अर्जी दायर की है।
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इसमें कहा कि उसकी बस अड्डा के पास मोबाइल की दुकान है। 13 अक्तूबर की शाम वह दुकान बंद करके खड़ा था। तभी आरोपी काले शीशे वाली कार से आए और उसको पकड़ कर गाड़ी में डाल लिया। सभी बात करने लगे की अपहरण करने पर फिरौती अच्छी मिलेगी।
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दरोगा सादे कपड़ों में थे। इसी दौरान उसने भाई रविकांत उर्फ मोनू को फोन मिला दिया। भाई ने दरोगा और अन्य आरोपियों की बात सुन ली। तभी दरोगा ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। अपहरण का मामला परिजनों को पता चल जाने पर दरोगा ने दूसरी जगह ले जा रहे गाड़ी को थाने की ओर मुड़वा दिया।
थाने में उसने थानाध्यक्ष को पूरी घटना बताकर दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज करने को तहरीर दी। एसओ ने दरोगा को बचाने के लिए तहरीर बदलवा दी। दूसरी तहरीर टिंकू यादव व तीन अन्य के खिलाफ मारपीट की लिखवा कर ली।
14 अक्तूबर को एसपी से शिकायत पर भी दरोगा पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की दलील पर न्यायाधीश ने अमृतपुर थाने से रिपोर्ट दर्ज है या नहीं, की जानकारी मांगी है।