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जॉब नेचर के साथ खुद को भी बदलें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:26 PM IST
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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में साइकोमीट्रिक प्रोफाइल और कॅरियर बिल्डिंग पर वर्कशॉप
- फोटो : अमर उजाला
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रोज नई-नई तकनीकें इजात हो रही हैं। इसके चलते जॉब नेचर में भी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसलिए आपको हमेशा जॉब नेचर के साथ खुद को बदलते रहना होगा। तभी आप एक सफल एम्पलॉयर कहलाएंगे।
यह बातें बुधवार को इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया पुणे के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कही। वह यहां क्राइस्ट चर्च कॉलेज में कॅरियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल की तरफ से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. प्रमोद ने बिजनेस प्लान और वर्क स्किल पर भी स्टूडेंटों को फोकस रखने की सलाह दी। बोले, यह काबिलियत आपको हमेशा कामयाबी दिलाएगी। इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया के डायरेक्टर प्रो. एस जयरामन ने कहा कि कॅरियर उसी क्षेत्र में बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिसमें आपकी रुचि हो।प्रिंसिपल डॉ. आरके गुप्ता ने कार्यशाला की उपयोगिता पर अपना संबोधन दिया।
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यह बातें बुधवार को इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया पुणे के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कही। वह यहां क्राइस्ट चर्च कॉलेज में कॅरियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल की तरफ से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
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डॉ. प्रमोद ने बिजनेस प्लान और वर्क स्किल पर भी स्टूडेंटों को फोकस रखने की सलाह दी। बोले, यह काबिलियत आपको हमेशा कामयाबी दिलाएगी। इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया के डायरेक्टर प्रो. एस जयरामन ने कहा कि कॅरियर उसी क्षेत्र में बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिसमें आपकी रुचि हो।प्रिंसिपल डॉ. आरके गुप्ता ने कार्यशाला की उपयोगिता पर अपना संबोधन दिया।
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कॅरियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. आशुतोष सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
काबिल बनें, नौकरी खुद मिलेगी कॅरियर
गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. आशुतोष सक्सेना ने स्टूडेंटों को संबोधित करते हुए कहा कि हमेशा काबिल बनने की कोशिश करिए। प्रैक्टिकली नॉलेज रखिए। सवाल ज्यादा से ज्यादा पूछिए ताकि आपका नजरिया वैश्विक स्तर पर भी बना रहे। यह सब अगर आपने अपने अंदर डेवलप कर लिया तो आपको नौकरी मिलने से कोई नहीं रोक सकता।
स्टूडेंटों ने दिए साइकोमीट्रिक टेस्ट वर्कशॉप के दौरान स्टूडेंटों का साइकोमीट्रिक टेस्ट भी हुआ। इसमें छात्रों को एक पेपर दिया गया जिसमें अलग-अलग 54 प्रश्न थे। समन्वयक डॉ. आशुतोष ने बताया कि इस टेस्ट से छात्रों की सोच को समझने की कोशिश की गई है कि वह क्या सोचते हैं। टेस्ट में छात्रों से पूछा गया कि आप परिवार से हटकर बाहरी लोगों से कितना मिलते हैं? आप शॉपिंग करने मार्केट जाते हैं या फिर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं? आपके कितने फ्रेंड्स हैं? क्या आप फ्रेंड्स बनाने में इंट्रेस्टेड होते हैं? आपको फिल्म देखना पसंद है या लोगों से मिलना?
गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. आशुतोष सक्सेना ने स्टूडेंटों को संबोधित करते हुए कहा कि हमेशा काबिल बनने की कोशिश करिए। प्रैक्टिकली नॉलेज रखिए। सवाल ज्यादा से ज्यादा पूछिए ताकि आपका नजरिया वैश्विक स्तर पर भी बना रहे। यह सब अगर आपने अपने अंदर डेवलप कर लिया तो आपको नौकरी मिलने से कोई नहीं रोक सकता।
स्टूडेंटों ने दिए साइकोमीट्रिक टेस्ट वर्कशॉप के दौरान स्टूडेंटों का साइकोमीट्रिक टेस्ट भी हुआ। इसमें छात्रों को एक पेपर दिया गया जिसमें अलग-अलग 54 प्रश्न थे। समन्वयक डॉ. आशुतोष ने बताया कि इस टेस्ट से छात्रों की सोच को समझने की कोशिश की गई है कि वह क्या सोचते हैं। टेस्ट में छात्रों से पूछा गया कि आप परिवार से हटकर बाहरी लोगों से कितना मिलते हैं? आप शॉपिंग करने मार्केट जाते हैं या फिर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं? आपके कितने फ्रेंड्स हैं? क्या आप फ्रेंड्स बनाने में इंट्रेस्टेड होते हैं? आपको फिल्म देखना पसंद है या लोगों से मिलना?