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Kanpur News: हर तीन महीने में बदलें पासवर्ड, बैटिंग एप से सावधान रहें

Thu, 11 Sep 2025 02:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 02:29 AM IST
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Change your password every three months, beware of baiting apps
कानपुर। आज हर कोई फेसबुक, एक्स, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया का उपयोग कर रहा है। लाइक, कमेंट और अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहा है। यह साइबर अपराधियों के लिए वारदात का भी जरिया है। इसकी बदौलत बैंक और इंटरनेट मीडिया के खातों पर सेंधमारी हो रही है। ऐसे में हर तीन से चार महीने में सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड को बदले रहें। यह जानकारी कमिश्नरी पुलिस के आईपीएस सुमित सुधाकर रामटेके ने दी। वह बुधवार को डॉ. ऑबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (एआईटीडी) में अमर उजाला के पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को जागरूक कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि इंटरनेट मीडिया में निजी जानकारियों को साझा न करें। सभी तरह की वीडियो और फोटो को अपलोड न करें। ऑनलाइन रुपयों को कमाने वाले और बैटिंग एप से सावधान रहें। पासवर्ड के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाएं। दोनों जगहों पर ओटीपी डालनी चाहिए। बताया कि कई बार जानकारी के बावजूद लोग साइबर अपराधियों का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में किसी तरह की घटना होने पर माता, पिता, दोस्तों और पुलिस को जानकारी दें।
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साइबर क्राइम एसीपी श्वेता कुमारी ने बताया कि कोई भी एप इंस्टॉल करने के बाद उसके इंस्ट्रक्शन जरूर पढ़ें। अगर मोबाइल में वह कैमरा, कांटेक्ट, कॉल डिटेल आदि का एक्सेस मांग रहा है लेकिन एप को जरूरत नहीं है तो बिल्कुल स्वीकृति न दें। युवतियां और लड़कियां सोशल मीडिया में असली फोटो न लगाएं। अगर आवश्यकता है लॉक लगाकर रखें। बताया कि गूगल पर मिलने वाले टॉल फ्री नंबरों पर भरोसा न करें। कई बार साइबर अपराधी भी इस तरह के नंबर बनाकर लोगों से ठगी करते हैं। वह आपकी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर सकते हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाकर रखें। माता-पिता से हर बात साझा करें। अगर युवतियों और छात्राओं को माता-पिता से बताने में झिझक लग रही है तो महिला थाने या फिर 1090 पर कॉल करें। यहां पर निदेशक प्रो. रचना अस्थाना, डॉ. अनुज श्रीवास्तव, डॉ. डीपी सिंह, श्रीनाथ द्विवेदी आदि रहे।
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क्या हम वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, जिससे सर्वर बदल जाता है) के बाद भी क्या उसको ट्रैक कर सकते हैं। -दीपक कुमार
विशेषज्ञ : उसके लिए थोड़ा सा समय लगता है लेकिन वीपीएन नंबर ट्रैक हो जाता है।
अगर हमारे सोशल अकाउंट से कोई फोटो निकाल उसके साथ छेड़छाड़ कर फिर से अपलोड कर दे तो क्या करें।- यशा
विशेषज्ञ : वेबसाइट का लिंक बताया। कहा उस पर जाकर छेड़छाड़ वाली फोटो के लिंक को डालने पर वह फोटो कुछ समय में डिलीट हो जाएगी।

डिजिटल अरेस्ट किसको कहते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।-पावनी

विशेषज्ञ : पुलिस वीडियो कॉल नहीं करती। बहकावे में न आए और नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।



कैसे पहचाने कि फोन करने वाला सही व्यक्ति है या साइबर स्कैमर।- अभय कसौधन
विशेषज्ञ : इस पर आप अपने प्रेजेंट ऑफ माइंड से उसका सामना कीजिए। जब वह समझ जाएगा कि आप उससे ज्यादा बुद्धिमान है तो वह अपने आप कॉल बंद कर देगा।
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