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इंजीनियरिंग सर्विसेज का सिलेबस बदला
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:47 AM IST
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कानपुर। इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (आईईएसई) मेें बदलाव का सर्कुलर यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने आईआईटी, एचबीटीआई, एआईटीएच, यूआईईटी सीएसजेएमयू और पीएसआईटी सहित तमाम तकनीकी संस्थानों को भेजा है। इन्हीं संस्थानों के स्टूडेंट इंजीनियरिंग सर्विसेज का पेपर देते हैं। जो सर्कुलर आया है, उसके मुताबिक अब तीन चरणों में टेस्ट कराया जाएगा, इसके बाद सेलेक्शन लिस्ट जारी होगी। अभी तक दो चरणों (आब्जेक्टिव और कनवेंशनल) की परीक्षा से सेलेक्शन की व्यवस्था है लेकिन अब प्रारंभिक परीक्षा और पर्सनैलिटी टेस्ट भी कराया जाएगा। नई व्यवस्था 2017 से लागू होगी। तीन चरणों की परीक्षा में 1300 मार्क्स के क्वेश्चन पूछे जाएंगे। पुराने सिलेबस में 1000 मार्क्स का पेपर होता था।
यूपीएससी हर साल 46 तरह की प्रतियोगी परीक्षाएं कराता है। इसमें इंजीनियरिंग सर्विसेज भी शामिल है। इस बार यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सर्विसेज की पेपर स्कीम और सिलेबस बदल दिया है। प्रारंभिक परीक्षा जनवरी या फरवरी 2017 में कराई जाएगी। जून, जुलाई में मुख्य परीक्षा कराकर रिजल्ट दिया जाएगा। अभी तक मुख्य परीक्षा जून, जुलाई में होती थी। इंजीनियरिंग सर्विसेज में बदलाव का पूरा ब्योरा वेबसाइट www.upsc.gov.in पर उपलब्ध है। सर्विसेज के एजूकेशनल क्वालीफिकेशन और उम्र की सीमा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बीटेक फाइनल ईयर में पढ़ने या पास होने वाले 18 से 30 साल के स्टूडेंट इंजीनियरिंग सर्विसेज का पेपर दे सकते हैं।
यूपीएससी हर साल 46 तरह की प्रतियोगी परीक्षाएं कराता है। इसमें इंजीनियरिंग सर्विसेज भी शामिल है। इस बार यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सर्विसेज की पेपर स्कीम और सिलेबस बदल दिया है। प्रारंभिक परीक्षा जनवरी या फरवरी 2017 में कराई जाएगी। जून, जुलाई में मुख्य परीक्षा कराकर रिजल्ट दिया जाएगा। अभी तक मुख्य परीक्षा जून, जुलाई में होती थी। इंजीनियरिंग सर्विसेज में बदलाव का पूरा ब्योरा वेबसाइट www.upsc.gov.in पर उपलब्ध है। सर्विसेज के एजूकेशनल क्वालीफिकेशन और उम्र की सीमा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। बीटेक फाइनल ईयर में पढ़ने या पास होने वाले 18 से 30 साल के स्टूडेंट इंजीनियरिंग सर्विसेज का पेपर दे सकते हैं।
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