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धर्म बदलने का मामला: यू-ट्यूब पर वीडियो अपलोड कर गिरोह के निशाने पर आया आदित्य, बड़ा खुलासा
Tue, 22 Jun 2021 08:56 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 22 Jun 2021 08:56 AM IST
सार
पैसे, शादी और नौकरी का लालच देकर उसे आदित्य से अब्दुल कादिर बना दिया। तकरीबन एक साल पहले आदित्य ने सांकेतिक भाषा में बनाए गए कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किए थे।
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आदित्य से बना अब्दुल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर में काकादेव निवासी मूक-बधिर छात्र आदित्य अपने सांकेतिक भाषा के वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड कर धर्मांतरण गिरोह के निशाने पर आ गया। गिरोह ने कमेंट में उसकी खूब तारीफ की और मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद उसे सांकेतिक भाषा वाले वीडियो और भड़काऊ साहित्य उपलब्ध कराने लगे।
मतलब मूक-बधिर जो सांकेतिक भाषा समझते हैं, उसका एक्सपर्ट भी गिरोह में है। इन्हीं लोगों ने उसका माइंड वॉश किया। पैसे, शादी और नौकरी का लालच देकर उसे आदित्य से अब्दुल कादिर बना दिया। तकरीबन एक साल पहले आदित्य ने सांकेतिक भाषा में बनाए गए कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किए थे।
आदित्य की मां लक्ष्मी ने बताया कि वीडियो पर कुछ लोगों ने कमेंट कर उसकी तारीफ की। इसमें वे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने आदित्य का धर्म परिवर्तन कराया। कमेंट के जरिये इन लोगों ने आदित्य का नंबर लिया और वीडियो कॉल पर बातचीत करने लगे। यहीं से आदित्य के माइंड वॉश करने का खेल शुरू हुआ।
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रात-रात भर करता था वीडियो कॉल पर बात
परिजनों ने बताया कि आदित्य रात-रात भर चोरी-छिपे फोन पर बात करता था। जब कुछ पूछा जाता था तो नजरअंदाज कर देता था। इसके बाद वह मोबाइल को अपने तकिये के नीचे रखकर सोने लगा। कभी रात के दो बजे तो कभी चार बजे उसको फोन आता था। परिजनों के मुताबिक कॉल आने पर वो एकांत जगह चला जाता था।
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मतलब मूक-बधिर जो सांकेतिक भाषा समझते हैं, उसका एक्सपर्ट भी गिरोह में है। इन्हीं लोगों ने उसका माइंड वॉश किया। पैसे, शादी और नौकरी का लालच देकर उसे आदित्य से अब्दुल कादिर बना दिया। तकरीबन एक साल पहले आदित्य ने सांकेतिक भाषा में बनाए गए कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किए थे।
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आदित्य की मां लक्ष्मी ने बताया कि वीडियो पर कुछ लोगों ने कमेंट कर उसकी तारीफ की। इसमें वे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने आदित्य का धर्म परिवर्तन कराया। कमेंट के जरिये इन लोगों ने आदित्य का नंबर लिया और वीडियो कॉल पर बातचीत करने लगे। यहीं से आदित्य के माइंड वॉश करने का खेल शुरू हुआ।
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रात-रात भर करता था वीडियो कॉल पर बात
परिजनों ने बताया कि आदित्य रात-रात भर चोरी-छिपे फोन पर बात करता था। जब कुछ पूछा जाता था तो नजरअंदाज कर देता था। इसके बाद वह मोबाइल को अपने तकिये के नीचे रखकर सोने लगा। कभी रात के दो बजे तो कभी चार बजे उसको फोन आता था। परिजनों के मुताबिक कॉल आने पर वो एकांत जगह चला जाता था।
केरल के दो शख्स करते थे बात
आदित्य से केरल के दो शख्स बात करते थे। इनके नाम साबिर और शाहद हैं। इनके जरिये ही वह दक्षिण भारत में कई महीनों तक रहा। घर पर वह पांच वक्त की नमाज भी पढ़ता था। एजेंसियों को आशंका ये भी है कि जिन लोगों ने आदित्य व अन्य लोगों का धर्मपरिवर्तन कराया है, वे आतंकी संगठन से भी जुड़े हो सकते हैं। जो इस तरह से लोगों को फंसाकर स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहे हैं।
आरोपियों के हाथ था आदित्य के मोबाइल का एक्सेस
आदित्य ने मोबाइल में आरोपियों के नाम कोडवर्ड में सेव किए थे। किसी का अल्फाबेट का ए, बी, सी तो किसी का नंबर 20, 30, 40 से सेव करता था। परिजनों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। बताया कि आदित्य के पास जो फोन था, जब उसे अनलॉक किया तो उसका पूरा डाटा गायब हो गया। आशंका है कि ये मोबाइल आरोपियों ने ही उसे दिया था, जिसका एक्सेस उन्हीं के पास था। जैसे ही गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, आरोपियों ने एक क्लिक से डाटा डिलीट कर दिया। इसकी भी जांच की जा रही है।
आदित्य से केरल के दो शख्स बात करते थे। इनके नाम साबिर और शाहद हैं। इनके जरिये ही वह दक्षिण भारत में कई महीनों तक रहा। घर पर वह पांच वक्त की नमाज भी पढ़ता था। एजेंसियों को आशंका ये भी है कि जिन लोगों ने आदित्य व अन्य लोगों का धर्मपरिवर्तन कराया है, वे आतंकी संगठन से भी जुड़े हो सकते हैं। जो इस तरह से लोगों को फंसाकर स्लीपर मॉड्यूल तैयार करने का काम कर रहे हैं।
आरोपियों के हाथ था आदित्य के मोबाइल का एक्सेस
आदित्य ने मोबाइल में आरोपियों के नाम कोडवर्ड में सेव किए थे। किसी का अल्फाबेट का ए, बी, सी तो किसी का नंबर 20, 30, 40 से सेव करता था। परिजनों ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। बताया कि आदित्य के पास जो फोन था, जब उसे अनलॉक किया तो उसका पूरा डाटा गायब हो गया। आशंका है कि ये मोबाइल आरोपियों ने ही उसे दिया था, जिसका एक्सेस उन्हीं के पास था। जैसे ही गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, आरोपियों ने एक क्लिक से डाटा डिलीट कर दिया। इसकी भी जांच की जा रही है।