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चैत्र छठ : उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी परिवार की सुख, समृद्धि
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पनकी नहर में छठ पूजन करतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद
कानपुर। चार दिवसीय चैत्र छठ महापर्व का समापन बुधवार को उदय होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। अर्मापुर और पनकी नहर पर व्रतधारियों ने पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ सूर्यदेव की उपासना की, अपने परिवार के सुख, समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना की।
भोर से ही दोनों नहरों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष और बच्चे छठी मैया के भजन गाते हुए पूजा में लीन दिखाई दिए। चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
छठ महापर्व सूर्य उपासना का पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की अराधना की जाती है। यह पर्व पवित्रता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए निर्जला उपवास रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ व्रत से संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में समृद्धि मिलती है।
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भोर से ही दोनों नहरों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुष और बच्चे छठी मैया के भजन गाते हुए पूजा में लीन दिखाई दिए। चारों ओर भक्ति और उत्साह का माहौल रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
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छठ महापर्व सूर्य उपासना का पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की अराधना की जाती है। यह पर्व पवित्रता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। व्रती कठिन नियमों का पालन करते हुए निर्जला उपवास रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ व्रत से संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में समृद्धि मिलती है।
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