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केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा : आवेदन में भरे विकल्पों से अलग परीक्षा केंद्र आवंटित
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कानपुर देहात। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र भरने में चार जिलों का विकल्प दिया गया था। अभ्यर्थियों ने अपनी सुविधा के अनुसार नजदीक के जिले विकल्प के रूप में भरे, ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े। वहीं केंद्र निर्धारण भरे गए विकल्पों से हटकर कर दिया गया। इससे छात्र छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हो रहे हैं।
गजनेर की छात्रा नेहा सिंह ने बताया कि उन्होंने सीटीईटी में शामिल होने के लिए विकल्प के तौर पर प्रथम वरीयता में कानपुर नगर, द्वितीय में फतेहपुर, तृतीय में जालौन व चौथे में हमीरपुर जिला भरा था। उसका परीक्षा केंद्र लखनऊ आवंटित किया गया है। माती रोड अकबरपुर की शिखा पांडेय ने बताया कि वरीयता क्रम में उन्होंने कानपुर, इटावा, आगरा व लखनऊ भरा था जबकि उनका परीक्षा केंद्र झांसी बना दिया गया है।
इसी तरह रनियां की रुचि सिंह ने बताया कि उन्होंने कानपुर, झांसी, आगरा व मथुरा को केंद्र निर्धारण के लिए वरीयता क्रम में दिया था। इससे हटकर उन्हें लखनऊ में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। छात्र मोहन सिंह, मनोज पांडेय, देवेश सिंह, राजवीर, दीपिका आदि ने बताया कि परीक्षा केंद्र के लिए जिले के आसपास के जनपदों का विकल्प दिया था।
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इसके बाद भी उनके केंद्र बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद बना दिए गए हैं। ऐसे में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। छात्रों ने कहा कि पहले यूपी टीईटी निरस्त होने से उम्मीदों में पानी फिर गया।
अब वह चाहते थे कि सीटीईटी की मन से तैयारी कर सफलता हासिल करेंगे तो अब परीक्षा केंद्र में जिलों के आवंटन से उनके मनोबल गिर गए हैं। साथ ही आवेदन में भरे गए विकल्पों में से ही किसी जिले में परीक्षा केंद्र बनाने की शासन से मांग की है। छात्रों ने बताया कि 13 जनवरी तक अलग-अलग चरणों में ये परीक्षा ऑनलाइन होगी।
सीटीईटी केंद्र स्तर से आयोजित होती है। इसमें जिले स्तर से कोई बदलाव की गुंजाइश ही नहीं है। छात्रों को विकल्प के अनुसार ही जिला आवंटित होना चाहिए। - अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस
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गजनेर की छात्रा नेहा सिंह ने बताया कि उन्होंने सीटीईटी में शामिल होने के लिए विकल्प के तौर पर प्रथम वरीयता में कानपुर नगर, द्वितीय में फतेहपुर, तृतीय में जालौन व चौथे में हमीरपुर जिला भरा था। उसका परीक्षा केंद्र लखनऊ आवंटित किया गया है। माती रोड अकबरपुर की शिखा पांडेय ने बताया कि वरीयता क्रम में उन्होंने कानपुर, इटावा, आगरा व लखनऊ भरा था जबकि उनका परीक्षा केंद्र झांसी बना दिया गया है।
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इसी तरह रनियां की रुचि सिंह ने बताया कि उन्होंने कानपुर, झांसी, आगरा व मथुरा को केंद्र निर्धारण के लिए वरीयता क्रम में दिया था। इससे हटकर उन्हें लखनऊ में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। छात्र मोहन सिंह, मनोज पांडेय, देवेश सिंह, राजवीर, दीपिका आदि ने बताया कि परीक्षा केंद्र के लिए जिले के आसपास के जनपदों का विकल्प दिया था।
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इसके बाद भी उनके केंद्र बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद बना दिए गए हैं। ऐसे में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। छात्रों ने कहा कि पहले यूपी टीईटी निरस्त होने से उम्मीदों में पानी फिर गया।
अब वह चाहते थे कि सीटीईटी की मन से तैयारी कर सफलता हासिल करेंगे तो अब परीक्षा केंद्र में जिलों के आवंटन से उनके मनोबल गिर गए हैं। साथ ही आवेदन में भरे गए विकल्पों में से ही किसी जिले में परीक्षा केंद्र बनाने की शासन से मांग की है। छात्रों ने बताया कि 13 जनवरी तक अलग-अलग चरणों में ये परीक्षा ऑनलाइन होगी।
सीटीईटी केंद्र स्तर से आयोजित होती है। इसमें जिले स्तर से कोई बदलाव की गुंजाइश ही नहीं है। छात्रों को विकल्प के अनुसार ही जिला आवंटित होना चाहिए। - अरविंद कुमार द्विवेदी, डीआईओएस