सेंट्रल बैंक लॉकर डकैती: बैंक के पूर्व मैनेजर समेत छह पर गैंगस्टर, लॉकरों से पार हुए थे तीन करोड़ के जेवरात
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा से दर्जन भर लॉकरों से तीन करोड़ के जेवरात पार हुए थे। इस मामले में बैंक मैनेजर, लॉकर इंचार्ज समेत छह आरोपी जेल गए थे। अब सभी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा के लॉकरों से जेवरात पार होने के मामले में पूर्व बैंक मैनेजर व लॉकर इंचार्ज समेत छह आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय को गैंग लीडर बताया गया है। पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्ति चिह्नित कर जब्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
श्याम नगर निवासी मंजू भट्टाचार्य का सेंट्रल बैंक की कराचीखाना शाखा में लॉकर था। इसी साल 14 मार्च को जब वह लॉकर देखने पहुंची थी, तो जेवरात गायब मिले थे। उनकी तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जब जांच शुरू की थी। तब खुलासा हुआ कि बैंक के 11 लॉकरों से करीब तीन करोड़ रुपये के जेवरात पार किए जा चुके हैं।
सीसीटीवी फुटेज व पूछताछ के जरिये पुलिस ने खुलासा किया था कि मामले में पूर्व बैंक मैनेजर राम प्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय, लॉकर कंपनी के कर्मचारी चंद्र प्रकाश, उसके भाई रमेश, उनके साथी करन व राकेश ने जेवरात पार कर बेचे हैं। पुलिस ने एक किलो से अधिक सोना रिकवर भी किया था। साक्ष्यों के आधार पर इन सभी को जेल भेजा था।
डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि इन सभी आरोपियों पर गैंगस्टर लगाया गया है। जल्द ही गैंग रजिस्टर भी कराया जाएगा। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकरों से 11 ग्राहकों के 3.78 करोड़ के गहने चोरी हुए थे। इस मामले में पीड़ितों को राहत देते हुए बैंक के कार्यकारी निदेशक की ओर से मुआवजा देने की घोषणा की गई है।