लॉकर डकैती: पीड़ितों का शाखा में हंगामा, ग्राहकों को अंदर जाने से रोका, पहली बार मांगी गई जेवरों की सूची
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा के लॉकर से जेवरात गायब होने के पीड़ित ग्राहकों की अधिकारियों से घंटों बहस चली। वहीं, मौके पर पहुंचे आरएम ने पीड़ितों से पहली बार जेवरों की सूची मांगी।
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लॉकर चोरी न्याय संघर्ष समिति के सदस्यों और पीड़ितों ने शनिवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना शाखा में ग्राहकों का आवागमन ठप कर दिया। शाखा के अंदर ही धरना देकर बैठ गए। बैंक आने वाले ग्राहकों को बाहर ही रोक दिया। वहीं, बैंक कर्मचारी भी लॉकर रूम में चले गए और हंगामे की सूचना देकर पुलिस बुला ली। पुलिस और पीड़ितों के बीच लंबी बहस और झड़प हुई। फिर बैंक के बाहर प्रदर्शन किया और पुतला फूंका।
सीएमडी एमवी गुप्ता, जोनल मैनेजर शिव गुप्ता और रीजनल मैनेजर के खिलाफ फीलखाना थाने में तहरीर दी। बाद में बैंक के रीजनल मैनेजर दयानंद पांडेय शाखा पहुंचे और पीड़ितों को शांत कराया। साथ ही पीड़ितों से जेवरों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। ताकि उसे उच्च प्रबंधन को भेजा जा सके। न्याय संघर्ष समिति के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता, सिद्धार्थ काशीवार और व्यापारी पवन गुप्ता की अगुवाई में पीड़ित शाखा पहुंचे और शाखा के भीतर धरने पर बैठ गए। इस दौरान बैंक आने वाले ग्राहकों को आने से रोक दिया और शाखा बंदी का आह्वान कर दिया।
पुलिस ने पीड़ितों को शांत कराने के प्रयास किया, लेकिन वो नहीं माने। इसके बाद हंगामा बढ़ता चला गया। कई घंटे के हंगामे के बाद रीजनल मैनेजर दयानंद पांडे शाखा पहुंचे। रीजनल मैनेजर ने पीड़ितों से जेवरों की सूची मांगी। अभिमन्यु गुप्ता ने बताया कि आरएम ने सभी पीड़ितों के जेवरों व सामान की सूची मांगी है। तय हुआ है कि सोमवार को सभी पीड़ित अपनी सूची बैंक में सौंपेंगे, जो सीएमडी को भेजी दी जाएगी।
रीजनल मैनेजर ने आश्वस्त किया है कि तीन दिन में बैंक की ओर से सकारात्मक जवाब दिया जाएगा। वहीं कहा कि आंदोलन लगातार चलता रहेगा। बैंक ने तीन दिन का समय मांगा है। तीन दिन तक बैंक का काम नहीं रोका जाएगा। अगर पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ तो बैंक का काम रोक कर अनिश्चितकालीन बैंक बंदी सत्याग्रह चलाया जाएगा। सड़क पर आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
इस मौके पर पीड़ित पंकज गुप्ता, विजय महेश्वरी, निर्मला तहलियानी, मीना यादव, सुशीला शर्मा, अमिता गुप्ता, सीता गुप्ता, महेंद्र सविता के अलावा अजय तिवारी, महेश गुप्ता, शीलू श्रीवास्तव, जय गुप्ता, सुनील अग्रवाल, दिलीप सिंह, इमरान शेख, मुकुल साहू, दीपक गुप्ता आदि थे।
अभी तक ग्राहकों ने पुलिस को ही तहरीर में बताया है कि उनका इतना सामान गायब हुआ है। समाचार पत्रों में इतना गायब होने की सूचना दे रहे हैं। पीड़ित उनसे मिलना चाह रहे थे। ग्राहकों से बैंक ने अपने सामान की लिस्ट और इसका इस्टीमेट मांगा है। अभी किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं हुआ है। यह इस लिए है कि ग्राहकों की डिमांड उच्च प्रबंधन को बताई जा सके। - दयानंद पांडेय, रीजनल मैनेजर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया