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मेडिकल कॉलेज में सीबीआई का छापा
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sun, 13 Sep 2015 02:14 AM IST
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टेलीमेडिसिन मशीनों की खरीद में हुई करोड़ों की धांधली और मशीनें गायब होने के मामले को लेकर दिल्ली की सीबीआई टीम ने शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पर छापा मारा। लगभग सात घंटे तक मेडिकल कॉलेज में रुकी सीबीआई टीम ने एलटी-3, ई लर्निग लाइब्रेरी और ओपीडी में लगी तीन टेलीमेडिसिन मशीनों का ब्योरा लिया।
एक-एक करके सभी उपकरण अपने सामने चलवा कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की। टीम ने शाम तक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार और सहयोगी डॉक्टरों व स्टाफ से पूछताछ की और उपकरण खरीद का ब्योरा व उपकरण संचालन की वर्तमान दशा का ब्योरा इकट्ठा किया।
सीबीआई के डीएसपी और इन्वेस्टिगेशन आफीसर आशीष शर्मा सहित चार अफसरों की टीम दोपहर एक बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। जांच के दौरान टीम प्रभारी डीएसपी सीबीआई ने अधिकारियों के साथ ओपीडी में लगी टेलीमेडिसिन मशीन की जांच की और बड़ा चिट्ठा तैयार कर तमाम दस्तावेज की स्कैनिंग रिपोर्ट भी ली।
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अधिकारियों ने सभी उपकरणों के खरीद के पर्चे, उपकरणों के फोटो, उनके रखरखाव और तमाम दस्तावेज की अलग अलग विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। टीम ने प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. यशवंत राव और सह प्रभारी प्रशांत त्रिपाठी के बयान भी लिए।
बता दें कि 2009 में एनआरएचएम फंड से कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद और मेरठ मेडिकल कॉलेजों के लिए टेलीमेडिसिन मशीनों की खरीद की गई थी। इनकी खरीद से लेकर मेडिकल कॉलेजों में लगाए गए सेटअप तक तमाम गड़बड़ियों की शिकायत हुईं।
मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश किए। इसी के तहत सीबीआई टीम मेडिकल कॉलेजों पर छापा मार रही है। टीम सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज जाएगी। इस मशीन के जरिए मेडिकल कॉलेजों को ऑनलाइन रिसर्च और मरीज की केयर व अन्य मेडिकल संबंधी मामलों में वीडियो कॉफ्रेसिंग की सुविधा मिलती है। इसमें कम्प्यूटर, स्क्रीन और मॉडम सहित कई उपकरणों का पूरा सेटअप लगाया जाता है।
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एक-एक करके सभी उपकरण अपने सामने चलवा कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की। टीम ने शाम तक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार और सहयोगी डॉक्टरों व स्टाफ से पूछताछ की और उपकरण खरीद का ब्योरा व उपकरण संचालन की वर्तमान दशा का ब्योरा इकट्ठा किया।
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सीबीआई के डीएसपी और इन्वेस्टिगेशन आफीसर आशीष शर्मा सहित चार अफसरों की टीम दोपहर एक बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। जांच के दौरान टीम प्रभारी डीएसपी सीबीआई ने अधिकारियों के साथ ओपीडी में लगी टेलीमेडिसिन मशीन की जांच की और बड़ा चिट्ठा तैयार कर तमाम दस्तावेज की स्कैनिंग रिपोर्ट भी ली।
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अधिकारियों ने सभी उपकरणों के खरीद के पर्चे, उपकरणों के फोटो, उनके रखरखाव और तमाम दस्तावेज की अलग अलग विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। टीम ने प्रिंसिपल डॉ. नवनीत कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. यशवंत राव और सह प्रभारी प्रशांत त्रिपाठी के बयान भी लिए।
बता दें कि 2009 में एनआरएचएम फंड से कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद और मेरठ मेडिकल कॉलेजों के लिए टेलीमेडिसिन मशीनों की खरीद की गई थी। इनकी खरीद से लेकर मेडिकल कॉलेजों में लगाए गए सेटअप तक तमाम गड़बड़ियों की शिकायत हुईं।
मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा जिस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश किए। इसी के तहत सीबीआई टीम मेडिकल कॉलेजों पर छापा मार रही है। टीम सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज जाएगी। इस मशीन के जरिए मेडिकल कॉलेजों को ऑनलाइन रिसर्च और मरीज की केयर व अन्य मेडिकल संबंधी मामलों में वीडियो कॉफ्रेसिंग की सुविधा मिलती है। इसमें कम्प्यूटर, स्क्रीन और मॉडम सहित कई उपकरणों का पूरा सेटअप लगाया जाता है।