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Kanpur News: कई गांवों में गोवंशीय मवेशी लंपी त्वचा रोग से ग्रस्त, पालक परेशान
Thu, 17 Sep 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:20 AM IST
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अमरौधा। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के कई गांव में लंपी त्वचा रोग से गोवंशीय मवेशी ग्रस्त है। तेज बुखार और शरीर में गांठें पड़ गई हैं। पशुपालक परेशान हैं। इधर पशुचिकित्सकों की टीम इन गांवों में नहीं पहुंची है।
जनपद में लंपी त्वचा रोग से बचाव के लिए टीके की आपूर्ति देरी से हुई। इसके बाद 48 हजार टीके ही भेजे गए। जबकि लक्ष्य करीब सवा लाख से अधिक मवेशियों का था। देरी से टीकाकरण शुरू हुआ। इस बीच लंपी त्वचा रोग से पैर पसार लिए हैं। सबसे पहले झींझक क्षेत्र में मवेशी चपेट में आए। इसके बाद राजपुर व रूरा क्षेत्र में लंपी ग्रस्त मवेशी पाए गए। अब भोगनीपुर के कई गांवों में लंपी वायरस से गायें ग्रस्त हैं। सरौटा प्रथम व सरौटा द्वितीय, छोटेपुरवा व सिहारी गांव में गोवंशीय मवेशियों के लंपी ग्रस्त होने से पालक परेशान हैं। 1962 पर कॉल के बाद भी चिकित्सा उपलब्ध नहीं हो सकी तो पालकों ने प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया है।
अनूप सिंह व सुरजीत ने बताया कि लंपी ग्रस्त बछिया का प्राइवेट इलाज करवाया है। वहीं ओमकार यादव ने बताया कि छह मवेशियों के शरीर पर गांठें उभरी हैं। सरौटा प्रथम से रामसिंह व संतोष ने बताया कि उनकी गाय में लंपी के लक्षण हैं। राजकीय पशु चिकित्सालय डीघ के पशुचिकित्सक डॉ. आलोक सचान ने बताया कि गुलौली गांव से लंपी की शिकायत आई थी। जांच करने पर वहां कोई भी लंपी ग्रस्त मवेशी नहीं मिला। रोस्टर के अनुसार टीके लगाए जा रहे हैं। सरौटा प्रथम व द्वितीय से लंपी ग्रस्त मवेशियों की किसी ने सूचना नहीं दी है। जानकारी कराकर उपचार कराया जाएगा।
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जनपद में लंपी त्वचा रोग से बचाव के लिए टीके की आपूर्ति देरी से हुई। इसके बाद 48 हजार टीके ही भेजे गए। जबकि लक्ष्य करीब सवा लाख से अधिक मवेशियों का था। देरी से टीकाकरण शुरू हुआ। इस बीच लंपी त्वचा रोग से पैर पसार लिए हैं। सबसे पहले झींझक क्षेत्र में मवेशी चपेट में आए। इसके बाद राजपुर व रूरा क्षेत्र में लंपी ग्रस्त मवेशी पाए गए। अब भोगनीपुर के कई गांवों में लंपी वायरस से गायें ग्रस्त हैं। सरौटा प्रथम व सरौटा द्वितीय, छोटेपुरवा व सिहारी गांव में गोवंशीय मवेशियों के लंपी ग्रस्त होने से पालक परेशान हैं। 1962 पर कॉल के बाद भी चिकित्सा उपलब्ध नहीं हो सकी तो पालकों ने प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया है।
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अनूप सिंह व सुरजीत ने बताया कि लंपी ग्रस्त बछिया का प्राइवेट इलाज करवाया है। वहीं ओमकार यादव ने बताया कि छह मवेशियों के शरीर पर गांठें उभरी हैं। सरौटा प्रथम से रामसिंह व संतोष ने बताया कि उनकी गाय में लंपी के लक्षण हैं। राजकीय पशु चिकित्सालय डीघ के पशुचिकित्सक डॉ. आलोक सचान ने बताया कि गुलौली गांव से लंपी की शिकायत आई थी। जांच करने पर वहां कोई भी लंपी ग्रस्त मवेशी नहीं मिला। रोस्टर के अनुसार टीके लगाए जा रहे हैं। सरौटा प्रथम व द्वितीय से लंपी ग्रस्त मवेशियों की किसी ने सूचना नहीं दी है। जानकारी कराकर उपचार कराया जाएगा।
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