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सीएम योगी के पक्ष में ट्वीट करने का मामला: ब्रॉडकास्ट कंपनी के पूर्व प्रबंधक को जमानत, रिटायर्ड आईएएस भी आरोपी
Thu, 17 Jun 2021 10:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 17 Jun 2021 10:58 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
कानपुर में दो रुपये प्रति ट्वीट मामले में आरोपी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड में प्रबंधक रहे लखनऊ निवासी आशीष पांडे को प्रभारी जिला जज प्रभाकर राव की अदालत से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें 50-50 हजार की दो जमानतों और निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया है।
पिछले महीने एक कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। एक तरफ से हिमांशु और दूसरी तरह से एक किशोर बातचीत कर रहे थे। इसमें कहा जा रहा था कि योगी जी के पक्ष में ट्वीट करो। दो रुपये प्रति ट्वीट दिया जाएगा।
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पिछले महीने एक कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में वायरल हुई थी। एक तरफ से हिमांशु और दूसरी तरह से एक किशोर बातचीत कर रहे थे। इसमें कहा जा रहा था कि योगी जी के पक्ष में ट्वीट करो। दो रुपये प्रति ट्वीट दिया जाएगा।
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इस मामले में रावतपुर गांव निवासी अतुल कुशवाहा ने रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, हिमांशु सैनी और बिहार निवासी एक किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हिमांशु की गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान लखनऊ निवासी आशीष पांडे का नाम सामने आने पर उन्हें 6 जून को जेल भेजा गया था।
आशीष के अधिवक्ता चिन्मय पांडे ने तर्क रखा कि जिस कंपनी में आशीष प्रबंधक थे उसी कंपनी में अतुल संविदा कर्मी में था। ट्वीट में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर उसकी जांच चल रही थी। इसी से वह आशीष से रंजिश मानता था और झूठे मामले में फंसा दिया।
कोर्ट ने माना कि एफआईआर में आशीष का नाम नहीं है। सिर्फ हिमांशु के बयान के आधार पर उसे जेल भेजा गया है। आशीष का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने आशीष की जमानत स्वीकार कर ली।
आशीष के अधिवक्ता चिन्मय पांडे ने तर्क रखा कि जिस कंपनी में आशीष प्रबंधक थे उसी कंपनी में अतुल संविदा कर्मी में था। ट्वीट में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर उसकी जांच चल रही थी। इसी से वह आशीष से रंजिश मानता था और झूठे मामले में फंसा दिया।
कोर्ट ने माना कि एफआईआर में आशीष का नाम नहीं है। सिर्फ हिमांशु के बयान के आधार पर उसे जेल भेजा गया है। आशीष का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने आशीष की जमानत स्वीकार कर ली।