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जेवरात गायब होने का मामला: लॉकर पीड़ितों को मुआवजा देने की तैयारी में बैंक, अगले सप्ताह तक मिल सकती है राहत
Sat, 23 Apr 2022 11:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:57 PM IST
सार
लॉकरों से सबसे ज्यादा महिलाओं के जेवर गायब हुए हैं, जो कानूनन स्त्री धन है। एक अविवाहित महिला दो सौ ग्राम, शादीशुदा महिला पांच सौ ग्राम, पुरुष सौ ग्राम सोना या गहने अपने पास रख सकते हैं।
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बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब होने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) की कराची खाना शाखा के लॉकरों से चोरी हुए गहनों के मामले में पीड़ितों को अगले सप्ताह तक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, बैंक मुुआवजा देने की ओर कदम बढ़ा रहा है। इसके लिए कई फार्मूलों पर काम किया गया है। उच्च स्तर पर सहमति बनने के भी संकेत हैं।
11 पीड़ितों ने तीन करोड़ 78 लाख के गहने और कैश चोरी होने का शपथ पत्र भेजा है। बैंक पीड़ितों को ज्यादा से ज्यादा राहत देने के लिए प्रयासरत है। वहीं पुलिस ने भी आरोपियों के पास से करीब एक किलो सोने के गहने बरामद किए हैं।
तीन दिन पहले लखनऊ में महानिदेशक संस्थागत वित्त बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना शिव सिंह यादव के साथ बैंक प्रबंधन की बैठक हुई थी।
इसमें बैंक प्रबंधन को पीड़ितों को राहत देने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा था। शनिवार को चौथा शनिवार होने के चलते बैंक बंद था। अब रविवार या अगले सप्ताह उन्हें कार्ययोजना की जानकारी देकर पीड़ितों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
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11 पीड़ितों ने तीन करोड़ 78 लाख के गहने और कैश चोरी होने का शपथ पत्र भेजा है। बैंक पीड़ितों को ज्यादा से ज्यादा राहत देने के लिए प्रयासरत है। वहीं पुलिस ने भी आरोपियों के पास से करीब एक किलो सोने के गहने बरामद किए हैं।
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तीन दिन पहले लखनऊ में महानिदेशक संस्थागत वित्त बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना शिव सिंह यादव के साथ बैंक प्रबंधन की बैठक हुई थी।
इसमें बैंक प्रबंधन को पीड़ितों को राहत देने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा था। शनिवार को चौथा शनिवार होने के चलते बैंक बंद था। अब रविवार या अगले सप्ताह उन्हें कार्ययोजना की जानकारी देकर पीड़ितों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
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इस फार्मूले के तहत हो सकता है भुगतान
लॉकरों से सबसे ज्यादा महिलाओं के जेवर गायब हुए हैं, जो कानूनन स्त्री धन है। एक अविवाहित महिला दो सौ ग्राम, शादीशुदा महिला पांच सौ ग्राम, पुरुष सौ ग्राम सोना या गहने अपने पास रख सकते हैं। इस पर आयकर विभाग भी कोई पूछताछ नहीं कर सकता है। इस मामले में इसी फार्मूले को लागू किया जा सकता है। इससे पीड़ितों को अधिकतम राहत मिल सकेगी। पीड़ितों ने जो ब्योरा दिया है, उसमें पूरे परिवार का सोना या गहना बताया गया है। ऐसे में परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से भुगतान किया जा सकता है।
पीड़ितों की ओर से दिया गया ब्योरा
मंजू भट्टाचार्य: 30 लाख, महेंद्र सविता दो लाख, एसके पोद्दार 30 लाख, राजाबेटी गुप्ता 35 लाख, निर्मला तहलियानी 35 लाख, अमिता गुप्ता 43 लाख 56 हजार, मीना यादव 80 लाख, सीता गुप्ता 20 लाख, सुशीला शर्मा 42 लाख, पंकज गुप्ता 35 लाख, वैभव माहेश्वरी 25 लाख।
लॉकरों से सबसे ज्यादा महिलाओं के जेवर गायब हुए हैं, जो कानूनन स्त्री धन है। एक अविवाहित महिला दो सौ ग्राम, शादीशुदा महिला पांच सौ ग्राम, पुरुष सौ ग्राम सोना या गहने अपने पास रख सकते हैं। इस पर आयकर विभाग भी कोई पूछताछ नहीं कर सकता है। इस मामले में इसी फार्मूले को लागू किया जा सकता है। इससे पीड़ितों को अधिकतम राहत मिल सकेगी। पीड़ितों ने जो ब्योरा दिया है, उसमें पूरे परिवार का सोना या गहना बताया गया है। ऐसे में परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से भुगतान किया जा सकता है।
पीड़ितों की ओर से दिया गया ब्योरा
मंजू भट्टाचार्य: 30 लाख, महेंद्र सविता दो लाख, एसके पोद्दार 30 लाख, राजाबेटी गुप्ता 35 लाख, निर्मला तहलियानी 35 लाख, अमिता गुप्ता 43 लाख 56 हजार, मीना यादव 80 लाख, सीता गुप्ता 20 लाख, सुशीला शर्मा 42 लाख, पंकज गुप्ता 35 लाख, वैभव माहेश्वरी 25 लाख।