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विकास दुबे के शस्त्र लाइसेंस की फाइलें गायब होने का मामला, शस्त्र लिपिक को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत
Fri, 18 Dec 2020 03:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 18 Dec 2020 03:03 PM IST
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद शस्त्र लाइसेंस की फाइलें गायब करने के मामले में आरोपी लिपिक विजय कुमार रावत को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। गिरफ्तारी होने की स्थिति में 25 हजार रुपये की दो जमानतों व निजी मुचलके पर रावत को रिहा कर दिया जाएगा।
बिकरू कांड में एसआईटी ने विकास दुबे, उसके सगे-संबंधियों और उसके गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच की थी। 1997 से जारी किए गए लाइसेंसों की जांच में पता चला था कि कानपुर देहात में लंबे समय तक तैनात रहे शस्त्र लिपिक विजय कुमार रावत लाइसेंस से जुड़ी 173 फाइलें कानपुर नगर ले आए थे।
इनमें विकास और उसके सहयोगियों के अलावा पूर्व मंत्री कमलरानी वरुण की फाइल भी गायब थी। विजय के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख विजय ने पहले सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी लेकिन अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया।
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बिकरू कांड में एसआईटी ने विकास दुबे, उसके सगे-संबंधियों और उसके गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच की थी। 1997 से जारी किए गए लाइसेंसों की जांच में पता चला था कि कानपुर देहात में लंबे समय तक तैनात रहे शस्त्र लिपिक विजय कुमार रावत लाइसेंस से जुड़ी 173 फाइलें कानपुर नगर ले आए थे।
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इनमें विकास और उसके सहयोगियों के अलावा पूर्व मंत्री कमलरानी वरुण की फाइल भी गायब थी। विजय के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख विजय ने पहले सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी लेकिन अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया।
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