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Kanpur: केबल ऑपरेटर की मौत का मामला, 22 साल बाद आया फैसला…दोषी को सात साल की कैद, 50 हजार का जुर्माना भी
Tue, 09 Jul 2024 01:55 PM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Tue, 09 Jul 2024 01:55 PM IST
सार
Kanpur News: एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 73 वर्षीय सुभाष को उसकी उम्र और बीमारियों के आधार पर सजा में रहम बरतते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में डिश केबल के किराये को लेकर हुई मारपीट में केबल ऑपरेटर की गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में अपर जिला जज सप्तम आजाद सिंह ने दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। विवेचना में खामियों पर कोर्ट ने विवेचक रघुवीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर को आदेश की प्रति भी भेजी है।
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डिश केबल का काम करने वाले हरजेंद्रनगर निवासी प्रताप सिंह चार सितंबर 2002 की दोपहर अपने भतीजे जसविंदर सिंह के साथ केबल का किराया वसूलने मोहल्ले के सुभाष बिंद्रा के घर गए थे। किराये के रुपयों को लेकर झगड़ा हो गया, जिसमें जसविंदर की मौत हो गई थी। प्रताप ने चकेरी थाने में सुभाष ब्रिंदा, उसकी पत्नी शशि, भाई विनय कुमार बिंद्रा उर्फ बाड़े और मां रामकली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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शनिवार को कोर्ट ने शशि व विनय को बरी कर दिया था, जबकि सुभाष को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर जेल भेज दिया था। आरोपी की मां रामकली की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। एडीजीसी विनोद त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को सजा पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 73 वर्षीय सुभाष को उसकी उम्र और बीमारियों के आधार पर सजा में रहम बरतते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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