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कानपुर: संघ पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं से करोड़ों ठगने वाला फरार, आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम
Wed, 28 Jul 2021 04:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 28 Jul 2021 04:05 PM IST
सार
हैरानी की बात ये है कि पूजा ने 20 जुलाई को शिकायत कर तहरीर दी थी। तब से एक सप्ताह तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
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भाजपा नेत्री पूजा बंसल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संघ पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं, वकीलों व अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले विष्णु बाबू दिवाकर को गिरफ्तार करने में आउटर पुलिस नाकाम रही है। पुलिस की एक टीम मंगलवार को उसके घर पर खानापूरी करने पहुंची।
जबकि पता था कि ठग पहले ही परिवार समेत फरार हो चुका है। उसके फरार होने के पीछे पुलिस की बड़ी लापरवाही रही। अगर पुलिस ने शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज की होती तो आरोपी गिरफ्त में होता।
मेरठ निवासी भाजपा नेत्री पूजा बंसल की तहरीर पर सचेंडी पुलिस ने सोमवार को सचेंडी के सीढ़ी इटारा के रहने वाले शातिर ठग विष्णु बाबू दिवाकर पर धोखाधड़ी, वसूली समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। पूजा को आयोग का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर दिवाकर ने उनसे 50 लाख रुपये ठगे थे।
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हैरानी की बात ये है कि पूजा ने 20 जुलाई को शिकायत कर तहरीर दी थी। तब से एक सप्ताह तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इसकी जानकारी विष्णु को हो गई थी लिहाजा वो परिवार समेत भाग निकला। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी की जद्दोजहद कर रही है। अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर ली होती तो उसको भागने का मौका नहीं मिलता।
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जबकि पता था कि ठग पहले ही परिवार समेत फरार हो चुका है। उसके फरार होने के पीछे पुलिस की बड़ी लापरवाही रही। अगर पुलिस ने शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर एफआईआर दर्ज की होती तो आरोपी गिरफ्त में होता।
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मेरठ निवासी भाजपा नेत्री पूजा बंसल की तहरीर पर सचेंडी पुलिस ने सोमवार को सचेंडी के सीढ़ी इटारा के रहने वाले शातिर ठग विष्णु बाबू दिवाकर पर धोखाधड़ी, वसूली समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। पूजा को आयोग का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर दिवाकर ने उनसे 50 लाख रुपये ठगे थे।
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हैरानी की बात ये है कि पूजा ने 20 जुलाई को शिकायत कर तहरीर दी थी। तब से एक सप्ताह तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। इसकी जानकारी विष्णु को हो गई थी लिहाजा वो परिवार समेत भाग निकला। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी की जद्दोजहद कर रही है। अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर ली होती तो उसको भागने का मौका नहीं मिलता।
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डेरापुर में लाखों की धोखाधड़ी की
सचेंडी पुलिस ने विष्णु बाबू का आपराधिक इतिहास निकाला है। जिसमें पता चला कि डेरापुर थाने में विष्णु व उसके साथियों पर 23 जून 2014 को सुनीता कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप था कि विष्णु व उसके साथी गजेंद्र सिंह व वीना कनौजिया ने मिलकर उनसे 11 लाख 20 हजार रुपये प्लाट दिलाने के नाम पर लिए और पूरी रकम हड़प ली।
न जमीन न पैसे वापस किए। जब पैसे मांगे तो आरोपियों ने उनको धमकाया। इसी तरह से इसी थाने में शीलू देवी ने विष्णु व शिव शंकर नाम के शख्स पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। ये केस 11 अगस्त 2018 को दर्ज किया गया था। वादी का आरोप था कि आरोपियों ने मिलीभगत से बिक्री की जा चुकी जमीन का सौदा उनसे किया और 5 लाख 25 हजार रुपये हड़प लिए। एडीजी ने बताया कि दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
एससीएसटी के केस में फंसाने की देता था धमकी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि विष्णु इलाके में दबंगई करता था। उसके खिलाफ कोई नहीं बोलता था। यही नहीं जो भी आवाज उठाता था वह उसको एससीएसटी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देता था। यही नहीं इसमें उसको परिवार वाले भी उसका साथ देते थे। इसलिए लोग चुप्पी साधे रहते थे।
सचेंडी पुलिस ने विष्णु बाबू का आपराधिक इतिहास निकाला है। जिसमें पता चला कि डेरापुर थाने में विष्णु व उसके साथियों पर 23 जून 2014 को सुनीता कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप था कि विष्णु व उसके साथी गजेंद्र सिंह व वीना कनौजिया ने मिलकर उनसे 11 लाख 20 हजार रुपये प्लाट दिलाने के नाम पर लिए और पूरी रकम हड़प ली।
न जमीन न पैसे वापस किए। जब पैसे मांगे तो आरोपियों ने उनको धमकाया। इसी तरह से इसी थाने में शीलू देवी ने विष्णु व शिव शंकर नाम के शख्स पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। ये केस 11 अगस्त 2018 को दर्ज किया गया था। वादी का आरोप था कि आरोपियों ने मिलीभगत से बिक्री की जा चुकी जमीन का सौदा उनसे किया और 5 लाख 25 हजार रुपये हड़प लिए। एडीजी ने बताया कि दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
एससीएसटी के केस में फंसाने की देता था धमकी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि विष्णु इलाके में दबंगई करता था। उसके खिलाफ कोई नहीं बोलता था। यही नहीं जो भी आवाज उठाता था वह उसको एससीएसटी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देता था। यही नहीं इसमें उसको परिवार वाले भी उसका साथ देते थे। इसलिए लोग चुप्पी साधे रहते थे।