दवा व्यापारी से मारपीट का मामला: पार्षद सौम्या शुक्ला का का फूटा दर्द, बोलीं- सिर्फ एक पक्षीय बात हो रही है
Kanpur Crime: पार्षद ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण पर जोर दे रहे हैं। सदन पर बिल पारित कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर कुछ कुंठित मानसिकता के लोग और भाजपा की विचारधारा को न मानने वाले हैं। उन्हीं लोगों के द्वारा सारे प्रकरण को धार्मिक रूप दिया जा रहा है।
विस्तार
कानपुर में दवा कारोबारी और भाजपा पार्षद के बीच हुए मारपीट का मामले में दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क और आरोप हैं। बुधवार को मामले में भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपना, पति अंकित शुक्ला और साथियों का पक्ष रखती नजर आ रही हैं।
इसमें पार्षद कह रही हैं कि मैं और मेरा परिवार ब्राह्मण हिंदू परिवार है और संघ से जुड़े होने के कारण मुझे अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां पूरी तरह पता हैं। जैसा कि आप सभी देख रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों से एक खबर मीडियो और सोशल मीडिया पर तेजी से चलाई जा रही है।
इसमें मुझे, मेरे पति अंकित शुक्ला और उनके साथियों पर झूठा मारपीट का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस घटना को धार्मिक रूप देकर जनता के सामने बहुत ही गलत रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है। यह घटना 23 सितंबर की है, जब मैं और मेरा परिवार एक कार्यक्रम से देर रात लौट रहा था।
15 से 20 मिनट तक हमने पास मांगा
तभी एक थार गाड़ी हमारी गाड़ी को बुरी तरीके से ओवर टेक करके चली गई। इससे हम बुरी तरह घबरा गए थे और करीब 15 से 20 मिनट तक हमने पास मांगा और हॉर्न दिया। लेकिन गाड़ी द्वारा पास नहीं दिया गया और लगातार हमारी गाड़ी के आगे वो अपनी गाड़ी लहराते रहे। कुछ देर बाद थोड़ी जगह होने पर हमने गाड़ी बढ़ाई।
अभद्र टिप्पणीयां और इशारे करे
इस पर थार गाड़ी ने हमारी गाड़ी को टक्कर मारकर दोबारा ओवरटेक किया। हमने इस पर कुछ बोलना चाहा, तो गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। अभद्र टिप्पणीयां और इशारे करे। बदनियती से मेरा हाथ पकड़कर घसीटा, जिससे चोटें भी आईं। इस पर मेरे पति और साथियों ने विरोध किया, तब पता चला कि चालक नशे में धुत था।
सिर्फ एक पक्षीय बात ही चलाई जा रही है
उनकी तरफ से कुछ लोगों ने पति और साथियों पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें आईं। इस बात की चर्चा कहीं पर भी नहीं की जा रही है और सिर्फ एक पक्षीय बात ही चलाई जा रही है। हमें अपराधी साबित किया जा रहा है। मैं सिर्फ यही पूछना चाहती हूं कि मेरा नारी होना एक अभिशाप है या यदि किसी पत्नी के अभद्रता होती है, तो उसके पति द्वारा विरोध किया जाना गलत है।
कुंठित मानसिकता के लोग दे रहे हैं धार्मिक रूप
हमारे माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण पर जोर दे रहे हैं। सदन पर बिल पारित कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर कुछ कुंठित मानसिकता के लोग और भाजपा की विचारधारा को न मानने वाले हैं। उन्हीं लोगों के द्वारा सारे प्रकरण को धार्मिक रूप दिया जा रहा है।
साठगांठ से फर्जी मेडिकल भी बनवाया
हमारा परिवार सिख समुदाय के प्रति श्रद्धा का भाव रखता है और आगे भी रखता रहेगा। यह जो चालक हैं, वो मेडिकल के बड़े व्यापारी हैं। इन्होंने पैसे के दम और साठगांठ से फर्जी मेडिकल बनवाया, जिससे कि सारे आरोप हम पर मड़ सकें। इन्हीं के द्वारा अपलोड की गईं तस्वीरें ही हमारा पक्ष साबित करेंगी।
सड़क पर चले थे जमकर लात घूंसे
बता दें कि शनिवार देर रात कार को ओवरटेक करने को लेकर भाजपा पार्षद सौम्या शुक्ला, उनके पति अंकित शुक्ला का परफेक्ट सर्जिकल के मालिक अमोल दीप सिंह भाटिया से विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में बीच सड़क पर जमकर लात घूंसे चले, जिसमें अमोल दीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है।