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आई लव यू मॉम एंड पापा, बेरोजगारी पर ताने अब बर्दाश्त नहीं...,दीवार पर लिखे सुसाइड नोट ने रुला दिया
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 07 Sep 2018 08:25 AM IST
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छात्रा ने दीवार पर लिखा था सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर: मॉम एंड पापा मैं बहुत परेशान हो चुकी हूं अपनी लाइफ से, मुझसे ऐसे और अकेले घर में बैठा नहीं जा रहा है। अनइंप्लायड (बेरोजगार) होने की वजह से लोगों के ताने अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होते। आई लव यू मॉम एंड पापा, लव यू ब्रदर, सृष्टि (मौसी की बेटी) दीवार पर लिखकर छात्रा आकांक्षा गुप्ता (24) ने फांसी लगा ली। शव कमरे में दुपट्टे से पंखे के सहारे लटका मिला।
बर्रा आजाद कुटिया निवासी राजेंद्र गुप्ता होटल संचालक हैं। परिवार में पत्नी पूनम बेटा अंशू और बेटी आकांक्षा थी। आकांक्षा एमकॉम करके बैंक की तैयारी कर रही थी, लेकिन सफलता न मिलने से निराश थी। गुरुवार को बीमार मौसी नीलम गुप्ता को देखने अंशू मां के साथ नौबस्ता गया था। कुछ देर बाद अकेला घर लौटा तो मेनगेट अंदर से बंद था।
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बर्रा आजाद कुटिया निवासी राजेंद्र गुप्ता होटल संचालक हैं। परिवार में पत्नी पूनम बेटा अंशू और बेटी आकांक्षा थी। आकांक्षा एमकॉम करके बैंक की तैयारी कर रही थी, लेकिन सफलता न मिलने से निराश थी। गुरुवार को बीमार मौसी नीलम गुप्ता को देखने अंशू मां के साथ नौबस्ता गया था। कुछ देर बाद अकेला घर लौटा तो मेनगेट अंदर से बंद था।
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फोन मिलाने के बाद भी आकांक्षा ने कोई जवाब नहीं दिया
छात्रा ने दीवार पर लिखा था सुसाइड नोट
- फोटो : अमर उजाला
आवाज देने और फोन मिलाने के बाद भी आकांक्षा ने कोई जवाब नहीं दिया। इसकी जानकारी बेटे से मिलने पर राजेंद्र घर पहुंचे और छेनी-हथौड़े से दरवाजे का कुंडा काट करके अंदर पहुंचे तो आकांक्षा फंदे से लटकी थी।
वह पड़ोसियों की मदद से आकांक्षा को उतारकर रीजेंसी हॉस्पिटल, गोविंद नगर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव का कहना है कि जॉब न लगने से छात्रा अवसाद में थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिवार वालों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार पर लिखापढ़ी करके शव सौंप दिया गया है।
वह पड़ोसियों की मदद से आकांक्षा को उतारकर रीजेंसी हॉस्पिटल, गोविंद नगर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव का कहना है कि जॉब न लगने से छात्रा अवसाद में थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिवार वालों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार पर लिखापढ़ी करके शव सौंप दिया गया है।