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हैलट और संबद्ध अस्पतालों में दवाओं का बजट हुआ आधा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 30 Apr 2015 02:18 AM IST
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शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट और चार अस्पतालों के दवाओं के बजट को आधा कर दिया है। पिछले साल जहां दवाओं के मद में 4.40 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं इस साल दवाओं के मद में सिर्फ 2.40 करोड़ रुपये मिले हैं। इसी बजट में पैथोलॉजी की जांच भी होनी है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से हैलट, बाल रोग, जच्चा-बच्चा, डॉ. मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल और संक्रामक रोग अस्पताल जुडे़ हैं। सभी अस्पतालों को मिलाकर बेड की संख्या 1619 है। अकेले हैलट में ही 1055 बेड हैं।
इन अस्पतालों की ओपीडी में हर साल मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है लेकिन बजट घटने से लोगों में परेशानी बढ़ेगी। शासन ने हैलट में एक्सरे का भी बजट घटा दिया है।
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एक्स रे मद में इस साल सिर्फ 14 लाख रुपये मिले हैं, जबकि इससे पहले तकरीबन 80 लाख रुपये मिले थे। इतने रुपयों के बाद भी बीते वित्तीय वर्ष में एक्सरे मद में तकरीबन 50 लाख रुपये का बकाया हो गया था।
मेडिकल कॉलेज के डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि दवाओं का बजट बहुत कम है। शासन से और बजट की डिमांड की जाएगी। फिलहाल जितना बजट आया है उतने में व्यवस्था की जाएगी।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से हैलट, बाल रोग, जच्चा-बच्चा, डॉ. मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल और संक्रामक रोग अस्पताल जुडे़ हैं। सभी अस्पतालों को मिलाकर बेड की संख्या 1619 है। अकेले हैलट में ही 1055 बेड हैं।
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इन अस्पतालों की ओपीडी में हर साल मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है लेकिन बजट घटने से लोगों में परेशानी बढ़ेगी। शासन ने हैलट में एक्सरे का भी बजट घटा दिया है।
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एक्स रे मद में इस साल सिर्फ 14 लाख रुपये मिले हैं, जबकि इससे पहले तकरीबन 80 लाख रुपये मिले थे। इतने रुपयों के बाद भी बीते वित्तीय वर्ष में एक्सरे मद में तकरीबन 50 लाख रुपये का बकाया हो गया था।
मेडिकल कॉलेज के डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि दवाओं का बजट बहुत कम है। शासन से और बजट की डिमांड की जाएगी। फिलहाल जितना बजट आया है उतने में व्यवस्था की जाएगी।