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एचबीटीयू में बीटेक, एमटेक और एमसीए की सीटों में इजाफा, छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
Wed, 29 May 2019 10:29 AM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 29 May 2019 10:29 AM IST
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एचबीटीयू
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कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस कोटे) के तहत सीटों की बढ़ोतरी को लेकर चल रहा मंथन पूरा हो गया है। बीटेक में करीब 90, एमटेक में 32 और एमसीए की 14 सीटों में इजाफा होगा। हालांकि ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत पीएचडी में छात्रों को कुछ फायदा नहीं मिलेगा। इसमें इस कोटे के तहत एक भी सीट नहीं बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पीएचडी में प्रत्येक ब्रांच में महज पांच-पांच सीटें हैं। ऐसे में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने के बाद प्रत्येक ब्रांच में एक-एक सीट भी नहीं बढ़ रही है। ईडब्ल्यूएस कोटे को लागू करने का पैटर्न प्रवेश समिति ने भी पास कर दिया है। अब इसे बुधवार को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला के मुताबिक एकेडमिक काउंसिल से ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत बढ़ रही सीटें पास होने के बाद इसे एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में भी रखा जाएगा। जेईई मेंस की रैंक हासिल कर चुके छात्र-छात्राएं इसके लिए 12 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
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विशेषज्ञों का कहना है कि पीएचडी में प्रत्येक ब्रांच में महज पांच-पांच सीटें हैं। ऐसे में ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने के बाद प्रत्येक ब्रांच में एक-एक सीट भी नहीं बढ़ रही है। ईडब्ल्यूएस कोटे को लागू करने का पैटर्न प्रवेश समिति ने भी पास कर दिया है। अब इसे बुधवार को होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा।
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विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला के मुताबिक एकेडमिक काउंसिल से ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत बढ़ रही सीटें पास होने के बाद इसे एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में भी रखा जाएगा। जेईई मेंस की रैंक हासिल कर चुके छात्र-छात्राएं इसके लिए 12 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।
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कोटा लागू होने से कितनी हो जाएंगी सीटें
कोर्स अभी तक की सीटें ईडब्ल्यूएस लागू होने के बाद
बीटेक 502 592
एमटेक 144 176
एमसीए 60 14
अगले साल तक संसाधनों पर होगा काम
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत सीट बढ़ोतरी करने से छात्र और शिक्षक अनुपात में गिरावट होगी। छात्रों के लिए उपयुक्त संसाधनों में भी कमी आएगी। इसलिए इसे मानक के अनुसार करने में करीब एक साल लग जाएगा। बढ़ी हुई सीटों के अनुपात शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शासन से पदों की अनुमति भी ली जाएगी।
सेना, केंद्रीय कर्मियों के बच्चों को एडमिशन में सहूलियत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने उत्तर प्रदेश में तैनात सेना के जवानों और केंद्रीय सरकार के अधीन काम करने वाले उन कर्मचारियों को भी सहूलियत दी है जिनके पास उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे कर्मचारियों के बच्चों को भी विश्वविद्यालय में एडमिशन का मौका मिल जाएगा। केंद्रीय विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बेटे अगर एडमिशन चाहेंगे तो उन्हें विश्वविद्यालय की तरफ से जारी सर्टिफिकेट-10, सेना के जवानों को सर्टिफिकेट-5 भरकर जमा करना होगा। इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।
कोर्स अभी तक की सीटें ईडब्ल्यूएस लागू होने के बाद
बीटेक 502 592
एमटेक 144 176
एमसीए 60 14
अगले साल तक संसाधनों पर होगा काम
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ईडब्ल्यूएस कोटा के तहत सीट बढ़ोतरी करने से छात्र और शिक्षक अनुपात में गिरावट होगी। छात्रों के लिए उपयुक्त संसाधनों में भी कमी आएगी। इसलिए इसे मानक के अनुसार करने में करीब एक साल लग जाएगा। बढ़ी हुई सीटों के अनुपात शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शासन से पदों की अनुमति भी ली जाएगी।
सेना, केंद्रीय कर्मियों के बच्चों को एडमिशन में सहूलियत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने उत्तर प्रदेश में तैनात सेना के जवानों और केंद्रीय सरकार के अधीन काम करने वाले उन कर्मचारियों को भी सहूलियत दी है जिनके पास उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे कर्मचारियों के बच्चों को भी विश्वविद्यालय में एडमिशन का मौका मिल जाएगा। केंद्रीय विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बेटे अगर एडमिशन चाहेंगे तो उन्हें विश्वविद्यालय की तरफ से जारी सर्टिफिकेट-10, सेना के जवानों को सर्टिफिकेट-5 भरकर जमा करना होगा। इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है।