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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Brothers kidnapped in Kanpur The plan to kidnap a child was made in Kanshiram Hospital five months ago

UP: पांच माह पहले बना प्लान...सगे भाइयों का अपहरण कर दिलाया ये सामान, बड़े को छोड़ा; डेढ़ साल के मासूम को बेचा

Thu, 31 Jul 2025 12:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 31 Jul 2025 12:20 PM IST
सार

कानपुर के बड़ा चौराहा से सगे भाइयों का अपहरण कर लिया गया। अपहरण के बाद आरोपियों ने बड़े को बाजार में छोड़ दिया, जबकि डेढ़ साल के मासूम को 1.60 लाख में बेच दिया। एक महिला ने साथी के साथ स्कूटी से दोनों को अगवा किया था। पुलिस ने बुधवार दोपहर मासूम को उन्नाव से खोज निकाला।

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Brothers kidnapped in Kanpur The plan to kidnap a child was made in Kanshiram Hospital five months ago
कानपुर में बच्चों का अपहरण, पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कानपुर के बड़ा चौराहा से सोमवार शाम डेढ़ और छह साल के भाइयों का एक महिला और युवक ने मिलकर अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने बड़े भाई को शिवराजपुर छोड़ दिया जबकि मासूम को 1.60 लाख रुपये में उन्नाव की महिला को बेच दिया। कोतवाली पुलिस ने 70 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद आरोपी महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। बच्चा खरीदने वाली महिला से पूछताछ की जा रही है।
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बड़ा चौराहा पर रंग बेचने वाली जीनत और फेरी लगाकर सामान बेचने वाले शरीफ के बेटों फरीद (6) और डेढ़ वर्षीय शादाब का सोमवार शाम को अपहरण हो गया। दोनों ने बच्चों की इधर-उधर तलाश की लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं हुई। 
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मंगलवार दोपहर फरीद संदिग्ध हालात में शिवराजपुर बाजार में रोते हुए मिला। दुकानदारों ने पुलिस को सूचना दी। बच्चे ने पुलिस को बड़ा चौराहा और आसपास के क्षेत्र का हुलिया बताया। माता-पिता के बारे में जानकारी दी। शिवराजपुर पुलिस फरीद को कोतवाली ले आई। 
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कोतवाली पुलिस ने बच्चों के माता-पिता की तलाश की। देर शाम फरीद और जीनत का पता चला। जीनत ने फरीद से छोटे भाई की जानकारी की। इस पर उसने अगवा करने वाली महिला और पुरुष का हुलिया बताया। 

इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बड़ा चौराहा, परेड, कचहरी, चुन्नीगंज के अलावा करीब 70 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। शिवराजपुर पुलिस ने भी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई। इस दौरान एक स्कूटी में महिला, पुरुष और दोनों बच्चे दिखे। पुलिस ने स्कूटी के नंबर के आधार पर महिला को चकेरी से गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि महिला चकेरी क्षेत्र की रहने वाली जूली रानी कुशवाहा है। उसने उन्नाव निवासी महिला को 1.60 लाख रुपये में शादाब को बेचा था। महिला के शादी के 13 साल होने के बावजूद कोई संतान नहीं है। जूली रानी कुशवाहा और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। उन्नाव की महिला से पूछताछ जारी है।
 

पांच महीने पहले कांशीराम अस्पताल में बना था बच्चा उठाने का प्लान
कानपुर कोतवाली क्षेत्र से बच्चा उठाने की प्लानिंग करीब पांच महीने पहले कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय में बनी थी। यहीं पर अपहरणकर्ता जूली रानी कुशवाहा और उन्नाव के रामनगर निवासी रेशमा बेगम की मुलाकात हुई थी। रेशमा संतान न होने पर डॉक्टर को दिखाने अस्पताल आई थी। 
 

अस्पताल में ही जूली की बहन एंबुलेंस सेवा 108 में काम करती है। मुलाकात होने पर जूली ने उसे बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया था। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि रेशमा का पति इंतखाब आलम बिहार में प्राइवेट नौकरी करता है। 
 

रेशमा उन्नाव में अकेली रहती है। जूली रानी कुशवाहा और अहिरवां के वैभव सिंह दोनों बच्चों को चॉकलेट खिलाने और घुमाने के बहाने सफेद रंग की स्कूटी से ले गए। छह साल के बच्चे को बाजार में छोड़ दिया जबकि डेढ़ साल के मासूम को गंगा बैराज के रास्ते उन्नाव ले जाकर रेशमा को दे दिया। 

 

पुलिस की जांच में शिवराजपुर के नजदीक सीसीटीवी कैमरे और वहीं के एक पेट्रोल पंप पर बच्चों के साथ आरोपियों की फुटेज कैद हुई है। स्कूटी जूली के भाई की थी जो उनसे मांग कर ले गई थी।
 

बच्चों को शिवराजपुर बाजार में दिलाए कपड़े
एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा के मुताबिक आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए शिवराजपुर तक गए। वहां पहचान छिपाने के लिए दोनों बच्चों को शिवराजपुर बाजार से कपड़े दिलाए थे और बड़े बच्चे को छोड़कर रात में ही उन्नाव चले गए। आरोपियों पर अपहरण की धाराएं लगाई गई हैं। जांच के आधार पर आगे और भी धाराएं बढ़ाई जाएंगीं।

 

छह माह की बच्ची को ले गई थी महिला
कोतवाली क्षेत्र में इसी साल जनवरी में छह माह की बच्ची को चमनगंज की महिला ले गई थी। कैमरों की फुटेज के आधार पर उसको गिरफ्तार किया गया। बच्ची की मां आधार कार्ड सही कराने पोस्ट ऑफिस आई थी। यहीं पर आरोपी महिला ने उन्हें लाइन में लगने की बात कहकर बच्ची ले ली थी। आरोपी महिला ने अपने भाई के लिए बच्ची को अगवा किया था।

 

47 हजार रुपये बरामद, बाकी अकाउंट में डाले
कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि जूली के पास से 47 हजार रुपये बरामद हुए हैं। बाकी के रुपये अकाउंट में डलवाए थे। कुछ रुपये वैभव सिंह के पास होने की संभावना है। गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं इसकी जांच कराई जा रही है। साथ ही हाल ही में गुमशुदा हुए छोटे बच्चों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। यह बच्चा चोर गैंग के सदस्य हो सकते हैं।
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